INSTC Project: ईरान ने रश्त-अस्तारा रेल प्रोजेक्ट की जमीन रूस को सौंपी
रश्त-अस्तारा रेलवे लिंक के पूरा होने से भारत और रूस के बीच व्यापारिक संपर्क मजबूत होगा और माल ढुलाई का समय आधा रह जाएगा।
तस्वीर में रूस और ईरान के नेता इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के नक्शे के साथ दिख रहे हैं।
मॉस्को: भारत, ईरान, रूस और अजरबैजान के बीच व्यापारिक संपर्क को नई गति देने वाली इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) परियोजना में एक अहम प्रगति हुई है। ईरान ने उत्तरी प्रांत गिलान में प्रस्तावित रश्त-अस्तारा रेलवे लाइन के लिए निर्धारित पूरी जमीन रूसी पक्ष को सौंप दी है। इस घटनाक्रम से महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक नया रास्ता मजबूत हो सकता है।
ईरान के शहरी विकास उप मंत्री होशंग बाजवंद ने इसकी जानकारी दी। वह 'कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी' के CEO भी हैं। उन्होंने बताया कि 162 किलोमीटर लंबी रश्त-अस्तारा रेल लिंक के मार्ग का बचा हुआ 37 किलोमीटर हिस्सा भी रूसी पक्ष को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही इस रेलवे लाइन के लिए निर्धारित पूरी जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
बाजवंद के अनुसार, ईरानी सरकार पहले ही इस परियोजना के लिए 55 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण कर चुकी है। इससे पहले फरवरी में रेलवे मार्ग का 125 किलोमीटर हिस्सा रूसी पक्ष को सौंपा जा चुका था। अब शेष 37 किलोमीटर हिस्सा भी सौंपे जाने के बाद परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने का काम पूरा हो गया है।
यह घटनाक्रम मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत के बीच सामने आया है। रश्त-अस्तारा रेलवे लाइन को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इस रेल संपर्क के विकसित होने से भारत, ईरान, अजरबैजान और रूस के बीच माल परिवहन तथा व्यापारिक आवाजाही को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ परिवहन समय में कमी के रूप में सामने आ सकता है। दावा है कि INSTC के माध्यम से माल को स्वेज नहर वाले पारंपरिक मार्ग की तुलना में लगभग आधे समय में पहुंचाया जा सकेगा। इसके तहत दूरी तय करने में करीब 20 से 25 दिन लगने का अनुमान है।
रश्त-अस्तारा रेल लाइन के लिए पूरी जमीन रूसी पक्ष को सौंपे जाने के बाद अब INSTC परियोजना के काम में तेजी आने की संभावना है। 162 किलोमीटर लंबे इस रेल लिंक का पूरा होना भारत समेत संबंधित देशों के बीच व्यापारिक संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।