पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता अभियान तेज, 50 लोगों पर ₹48,000 का जुर्माना
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत स्टेशनों, रेल डिब्बों और रेलवे कॉलोनियों में सफाई अभियान चला। 2,500 किलो से अधिक कचरे का निस्तारण हुआ और कचरा फैलाने पर करीब 50 लोगों से 48,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मुंबई सेंट्रल मंडल में ट्रेन डिब्बे की सफाई करते कर्मचारी।
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत रेलवे स्टेशनों से लेकर रेल डिब्बों, खानपान सेवाओं और रेलवे कॉलोनियों तक सफाई और खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 40 स्टेशन और रेलवे कॉलोनी परिसरों से अनधिकृत पोस्टर, बैनर और स्टीकर हटाए गए, जबकि गुटखा और पान के दाग 120 निर्धारित स्थानों से साफ किए गए। कचरा फैलाने के मामलों में करीब 50 लोगों पर कुल 48,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता, सफाई व्यवस्था, खाद्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की गईं। अभियान में रेलवे स्टेशन, कोचिंग डिपो, ईएमयू शेड, रखरखाव केंद्र और रेलवे आवासीय कॉलोनियों को शामिल किया गया। इसका उद्देश्य स्टेशनों की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने, रेल डिब्बों की गहन सफाई करने, भोजन और पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी तथा कचरा फैलाने पर रोक लगाने वाले नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में अनधिकृत पोस्टर, बैनर और स्टीकर हटाने के लिए मुंबई सेंट्रल, वसई रोड, बोरीवली, गोरेगांव, विरार, अंधेरी, वापी, सूरत और अमलनेर में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान लगभग 40 स्टेशन और रेलवे कॉलोनी परिसरों से अनधिकृत प्रचार सामग्री हटाई गई। यात्रियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 120 निर्धारित स्थानों पर गुटखा और पान के दागों की सफाई की गई।
वलसाड और अमलनेर रेलवे कॉलोनियों में भी व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके तहत सूखी झाड़ू से सफाई, कचरे का निस्तारण तथा थूकने और कचरा फैलाने पर रोक संबंधी सूचना पट्ट लगाए गए। कोच केयर केंद्रों और रखरखाव सुविधाओं में भी गहन सफाई की गई। इसमें मुंबई सेंट्रल ईएमयू कार शेड, नंदुरबार कैरिज एवं वैगन डिपो और मेल-एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के डिब्बों की अंदरूनी तथा बाहरी हिस्सों की व्यापक धुलाई शामिल रही। इन गतिविधियों का उद्देश्य रेलयात्रियों को स्वच्छ और सुविधाजनक यात्रा वातावरण उपलब्ध कराना था।
खानपान सेवाओं की स्वच्छता और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्यिक तथा स्वास्थ्य निरीक्षकों ने मुंबई सेंट्रल, महालक्ष्मी, ग्रांट रोड, वलसाड, उधना, सूरत और वापी रेलवे स्टेशनों पर खाद्य स्टॉलों की जांच की। इसके साथ ही रेलगाड़ियों में खानपान सेवा देने वाले पेंट्रीकार का भी निरीक्षण किया गया। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए। खानपान कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित तरीके से भोजन संभालने और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। इसके बाद कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
पेयजल की सुरक्षा जांच के लिए जोरावासन और उकाई सोनगढ़ रेलवे स्टेशनों पर एच₂एस परीक्षण किट के माध्यम से जीवाणु संबंधी नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त, चिह्नित स्थानों पर अवशिष्ट क्लोरीन स्तर और कुल घुलित ठोस पदार्थों (टीडीएस) की जांच की गई। इन स्थानों में बांद्रा पश्चिम रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) बैरक भी शामिल रही।
दो दिवसीय अभियान के दौरान मंडल में 2,500 किलोग्राम से अधिक अलग-अलग श्रेणियों में एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ यात्रियों को जागरूक भी किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 50 लोगों पर कुल 48,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 82 लोगों को कचरा नहीं फैलाने के लिए समझाइश दी गई।
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत इन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और सफाई गतिविधियों के माध्यम से मुंबई सेंट्रल मंडल ने रेलवे परिसरों में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया।