अहमदाबाद मंडल के 107 रेलवे स्टेशनों पर रेल जन संवाद, यात्रियों ने बताईं सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत DRM वेद प्रकाश ने अहमदाबाद स्टेशन पर यात्रियों से सीधा संवाद कर सुविधाओं में सुधार का आश्वासन दिया।
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के अंतर्गत अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर आयोजित 'रेल जन संवाद' कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करते मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश।
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के अंतर्गत भारतीय रेल ने 22 अक्टूबर, 2026 को देशभर के रेलवे स्टेशनों और रेल इकाइयों में ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के सभी 107 रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को जाना गया। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर यात्री सुविधाओं और रेल सेवाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने यात्रियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, प्रतीक्षालय, पेयजल, वॉशरूम और अन्य सुविधाओं के संबंध में यात्रियों की राय जानी। इस दौरान स्टेशन परिसर में यात्रियों की प्रतीक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं, सुविधाओं की उपलब्धता और उनमें सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
संवाद के दौरान एक यात्री ने स्टेशन पर साफ-सफाई और शौचालयों की व्यवस्था पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही पृथक प्रतीक्षालय की आवश्यकता भी बताई। वहीं, एक अन्य यात्री ने प्लेटफॉर्म संख्या 3 एवं 4 की ओर स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने तथा पेयजल और हाथ धोने की सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने का सुझाव दिया।
इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने एसी प्रतीक्षालय में मौजूद यात्रियों से भी बातचीत की। देर रात की ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की आवश्यकता उठाई। यात्रियों के इन सुझावों के माध्यम से प्रतीक्षालयों में उपलब्ध सुविधाओं और यात्रियों की जरूरतों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर फीडबैक प्राप्त किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन परिसर के बाहर मौजूद ऑटो चालकों से भी संवाद किया। उन्होंने ऑटो चालकों की कार्यप्रणाली, पार्किंग व्यवस्था और स्टेशन पर वाहन संचालन से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से यात्रियों को परिवहन सेवा उपलब्ध कराने वाले एक ऑटो चालक ने बताया कि वर्तमान में स्टेशन पर उन्हें कोई विशेष परेशानी नहीं है। उन्होंने साबरमती रेलवे स्टेशन पर पार्किंग सुविधा में हुए सुधार का भी उल्लेख किया।
मीडिया से बातचीत में मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने कहा कि ‘रेल जन संवाद’ यात्रियों और अन्य हितधारकों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान सामने आए सुझावों और समस्याओं को उनकी प्रकृति तथा प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उन पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मध्यम अवधि और दीर्घकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी। आधारभूत संरचना से संबंधित आवश्यकताओं को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि यात्रियों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार सुविधाओं का विकास किया जा सके।
अहमदाबाद मंडल के 107 रेलवे स्टेशनों पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत प्रमुख 39 रेलवे स्टेशनों पर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं की जानकारी प्राप्त की। मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर संबंधित स्टेशन अधीक्षकों और स्टेशन मास्टरों (SS/SM) ने यात्रियों से बातचीत कर उपलब्ध यात्री सुविधाओं तथा उनमें सुधार की संभावनाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इसके अतिरिक्त, ट्रेनों में भी यात्रियों से संवाद कर उनकी यात्रा से जुड़ी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को जाना गया।
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के अंतर्गत जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए अहमदाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया गया। इनके माध्यम से यात्रियों और आमजन को स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित निपटान करने, ई-वेस्ट का समुचित प्रबंधन करने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।
‘रेल जन संवाद’ के माध्यम से अहमदाबाद मंडल ने यात्रियों और अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ उनके सुझावों को रेल सेवाओं में सुधार की प्रक्रिया से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त फीडबैक के आधार पर तत्काल समस्याओं के समाधान, प्रतीक्षालयों सहित यात्री सुविधाओं में सुधार और आधारभूत संरचना से जुड़ी आवश्यकताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।