मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में स्टेशनों पर शुरू हुआ विशेष स्वच्छता अभियान
सीएजी रिपोर्ट के बाद रेलवे बोर्ड के निर्देशों पर मुंबई मंडल के 2900 से अधिक स्थानों पर पेयजल प्रणाली की सफाई और जांच की गई।
मध्य रेल के मुंबई मंडल ने गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता सुविधाओं और यात्रियों की सुविधाओं, विशेष रूप से पेयजल की गुणवत्ता, से संबंधित सीएजी रिपोर्ट के बाद रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में सभी स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर युद्धस्तर पर विशेष अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर पेयजल प्रणालियों की जांच की गई और उन्हें एक समान परीक्षण एवं रखरखाव कार्यक्रम के तहत लाया गया। इस अभियान में कुल 2,967 स्थान शामिल किए गए। इनमें जल स्रोत, फिल्ट्रेशन प्रक्रिया केंद्र, भूमिगत एवं ऊंची पानी की टंकियां, पीवीसी टंकियां, बूथ, नल और जल वितरण बिंदु शामिल हैं।
अभियान के दौरान 410 कमियां सामने आईं, जिनमें से 365 कमियां दूर कर दी गई हैं, जबकि 45 पर काम जारी है। मुंबई मंडल में प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में कुल 2,913 पानी की टंकियां हैं। 20 अगस्त 2026 से 22 सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान इनमें से 1,753 टंकियों की सफाई की गई।
अभियान में 1,716 स्थानों पर टंकियों के लिए मजबूत ढक्कन लगाए गए तथा वेंट और ओवरफ्लो पर जालियां लगाई गईं। पानी के 349 नमूनों की भौतिक, रासायनिक और जीवाणुविज्ञानी जांच की गई। जांच किए गए सभी 349 नमूनों में जीवाणुविज्ञानी संदूषण नहीं पाया गया और किसी भी नमूने में ई-कोलाई नहीं मिला।
इसके साथ ही 134 स्थानों पर प्रतिदिन ‘रेसिडुअल फ्री क्लोरीन’ की निगरानी की जा रही है। 26 लीकेज या खराब पाइपलाइनों की मरम्मत की गई। दूषितता और सुरक्षा की जांच के लिए 29 हैंडपंप और बोरवेल स्रोतों की भी जांच की गई।
अन्य उपायों के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कल्याण, भिवंडी रोड और लोणावला में पूरी जल पाइपिंग प्रणाली की लीकेज के लिए जांच की गई। वेंट और ओवरफ्लो पर जालियों के साथ मजबूत ढक्कन लगाए गए। विद्युत विभाग की ओर से वाटर कूलर्स की जांच और सफाई भी की गई, जिसमें गायब नल लगाना, लीकेज वाले नल बदलना और तलछट हटाना शामिल है।
संबंधित सभी ‘इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स’ कार्यालयों में ई-कोलाई जांच किट भी उपलब्ध कराई गई हैं। मध्य रेल के अनुसार, वर्तमान विशेष अभियान के दौरान जांचे गए सभी 349 पानी के नमूनों के परिणाम नकारात्मक रहे और किसी भी स्थान पर ई-कोलाई नहीं पाया गया। मध्य रेल ने कहा है कि यात्रियों को वर्तमान में उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य है।
मध्य रेल सभी स्टेशनों पर सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने तथा ‘पेयजल गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक समान कार्यप्रणाली’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जानकारी 22 सितंबर 2026 को जारी प्रसिद्धि पत्रक के माध्यम से दी गई। प्रसिद्धि पत्रक क्रमांक 2026/09/40 डॉ. स्वप्नील निला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई की ओर से जारी किया गया है।