तस्वीर में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत तिनसुकिया मंडल के रेल कर्मी और लोग सड़क पर बैनर लेकर मार्च निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं।   

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, संस्थानों और शिक्षण संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, पर्यावरण जागरूकता और जन-कल्याण से जुड़े विभिन्न विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान में रेल अधिकारी, सफाई मित्र, छात्र, स्काउट्स एंड गाइड्स और यात्री सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

अभियान के तहत पर्यावरण की सफाई और जल स्रोतों की रक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनएफ रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्य नदी किनारों की सफाई के अभियानों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। इनमें ब्रह्मपुत्र नदी का तट भी शामिल है। स्वयंसेवक नदी तटों को स्वच्छ रखने में सहयोग देने के साथ जल स्रोतों और सार्वजनिक स्थानों की रक्षा के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं।

‘स्वच्छ पाठशाला’ पहल के तहत कई रेलवे स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रेल अधिकारियों, सफाई मित्रों और यात्रियों की भागीदारी से स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है।

स्वच्छ और जिम्मेदार वातावरण को बढ़ावा देने के लिए रेलवे स्कूलों, रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों और अन्य रेल परिसरों में भी स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन पहलों में विभिन्न वर्गों की भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की इन समन्वित गतिविधियों के जरिए पर्यावरणीय जिम्मेदारी, जन-कल्याण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के तहत स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े प्रयासों को विभिन्न रेल परिसरों और सार्वजनिक स्थलों तक विस्तार दिया जा रहा है।

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