गुजरात में रेलवे को बड़ी सौगात, 4 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित
गुजरात में रेलवे की कई बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। चार गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किए गए, लिंच GCT की आधारशिला रखी गई और अंजार में भुज–शालीमार एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हुआ।
तस्वीर में गुजरात में नवनिर्मित गोपालपुर रेलवे स्टेशन का बाहरी हिस्सा और सामने हरा-भरा मैदान दिखाई दे रहा है।
गुजरात में रेलवे के बुनियादी ढांचे, माल परिवहन सुविधाओं और यात्री रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं का लोकार्पण, शिलान्यास, उद्घाटन एवं शुभारंभ किया गया। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर शिवलखा, भीमासर, देवलिया और चंडीसर स्थित चार गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों (GCT) को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके साथ ही लिंच गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) की आधारशिला रखी गई, गोपालपुर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया और अंजार स्टेशन पर भुज–शालीमार एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ किया गया।
उपर्युक्त स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्र के राज्यमंत्री, लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
गोपालपुर रेलवे स्टेशन के उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। स्टेशन के विकास से आसपास के यात्रियों के लिए रेल परिवहन की पहुंच बेहतर होगी। नए गोपालपुर स्टेशन के निर्माण से अहमदाबाद और भुज की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए गांधीधाम में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परिचालन समय की बचत होगी। स्टेशन का विकास क्षेत्र की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य में बढ़ती यात्री मांग के अनुरूप रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गुजरात में चार गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इन टर्मिनलों से आधुनिक माल प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को बढ़ावा मिलने के साथ रेल आधारित माल परिवहन को गति मिलेगी।
भीमासर स्थित AFGB गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Arya Freight Terminal Pvt. Ltd. द्वारा किया गया है। परियोजना में लगभग 75 करोड़ रुपये का कुल निवेश है, जिसमें लगभग 24.21 करोड़ रुपये का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल गांधीधाम–सामख्याली सेक्शन पर स्थित है और कंटेनर तथा सामान्य माल की हैंडलिंग के लिए विकसित किया जा रहा है। टर्मिनल की अनुमानित क्षमता लगभग 60 आउटवर्ड और 60 इनवर्ड रेक प्रति माह है। परियोजना से लगभग 1,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
देवलिया स्थित WCGD गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Western Carriers (India) Ltd. द्वारा किया गया है। परियोजना में लगभग 65 करोड़ रुपये का कुल निवेश और लगभग 16.28 करोड़ रुपये का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 41 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल सामाख्याली-ध्रांगध्रा सेक्शन पर स्थित है। यहां मुख्य रूप से कंटेनर और सामान्य माल की हैंडलिंग की जाएगी। परियोजना से लगभग 1,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
चंडीसर स्थित ATGC गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास Emirates Terminals Pvt. Ltd. द्वारा किया गया है। परियोजना में लगभग 75 करोड़ रुपये का कुल निवेश है, जिसमें लगभग 14 करोड़ रुपये का रेलवे परियोजना घटक शामिल है। लगभग 23 एकड़ क्षेत्र में स्थित यह टर्मिनल पालनपुर–सामख्याली सेक्शन पर है और मुख्य रूप से कंटेनर ट्रैफिक के लिए विकसित किया गया है। इसकी अनुमानित क्षमता लगभग 10 आउटवर्ड और 10 इनवर्ड रेक प्रति माह है। परियोजना से लगभग 400–500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
शिवलखा स्थित KEGS गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल का विकास KMT Engg. Pvt. Ltd. द्वारा किया जा रहा है। परियोजना की प्रस्तावित कुल लागत लगभग 200 करोड़ रुपये है, जबकि रेलवे परियोजना लागत लगभग 12.97 करोड़ रुपये है। लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह टर्मिनल सामख्याली–पालनपुर सेक्शन पर स्थित है। यहां रेलवे वैगन निर्माण के साथ कंटेनर ट्रैफिक की सुविधा विकसित की जाएगी। नए निर्मित रेलवे वैगनों के लगभग 2–3 रेक प्रति माह आउटवर्ड मूवमेंट और लगभग 10 कंटेनर रेक प्रति माह हैंडल किए जाने की संभावना है। इस परियोजना से लगभग 2,000–2,500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
कार्यक्रम के दौरान लिंच में गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) की आधारशिला भी रखी गई। इस टर्मिनल के विकास से क्षेत्र में माल हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों तथा व्यवसायों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इन गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल परियोजनाओं से आधुनिक माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे उद्योगों और व्यवसायों को रेल के माध्यम से माल परिवहन के अधिक प्रभावी विकल्प उपलब्ध होंगे। निजी क्षेत्र की भागीदारी से क्षेत्र में माल परिवहन के लिए अतिरिक्त आधारभूत संरचना विकसित होगी और रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा।
यात्री सुविधा के तहत ट्रेन संख्या 22829/22830 भुज–शालीमार एक्सप्रेस के अंजार स्टेशन पर ठहराव का शुभारंभ किया गया। यह ठहराव अंजार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से अपेक्षित रेल सुविधा है।
इस ठहराव से यात्रियों को भुज–शालीमार एक्सप्रेस के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों और महत्वपूर्ण गंतव्यों तक सीधी एवं सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। अंजार से ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को अन्य स्टेशनों तक जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे समय और अतिरिक्त यात्रा व्यय की बचत होगी।
यह सुविधा व्यापारियों, नौकरीपेशा यात्रियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी होगी। इससे अंजार की क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
गुजरात में शुरू की गई इन रेलवे परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं से माल परिवहन क्षमता में वृद्धि, आधुनिक लॉजिस्टिक्स अवसंरचना का विकास, उद्योगों और व्यापार को बेहतर रेल कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसरों का सृजन तथा यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक रेल सेवाओं की दिशा में आधार तैयार हुआ है।