साबरमती में मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट पहनकर वेल्डिंग सिम्युलेटर का उपयोग करते लोग।

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने कैरिज एवं वैगन (C&W) रखरखाव कार्यों में कार्यरत वेल्डरों के कौशल, तकनीकी दक्षता और कार्य गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मंडल ने साबरमती (SBI) वैगन डिपो में मिक्स्ड रियलिटी (MR) आधारित वेल्डिंग सिम्युलेटर स्थापित कर उसका कमीशनिंग किया है। अहमदाबाद मंडल में यह अपनी तरह की नई प्रशिक्षण सुविधा है, जिसके माध्यम से वेल्डरों को वास्तविक वेल्डिंग जैसी परिस्थितियों में आधुनिक और सुरक्षित तकनीक से प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने इस पहल को कैरिज एवं वैगन रखरखाव कार्यों में तकनीकी कौशल और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मंडल के सभी C&W डिपो में कार्यरत संबंधित कर्मचारियों को इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि वास्तविक रखरखाव कार्य में तैनात करने से पहले वेल्डरों को सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन के पर्याप्त अवसर दिए जाएं, ताकि उनके कौशल का बेहतर विकास हो तथा वेल्डिंग कार्य में गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

अत्याधुनिक सिम्युलेटर वेल्डर को वास्तविक औद्योगिक वेल्डिंग टॉर्च का उपयोग करते हुए 360 डिग्री इमर्सिव वर्चुअल वातावरण में प्रशिक्षण की सुविधा देता है। प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक इलेक्ट्रिक आर्क उत्पन्न नहीं होता। इससे धुआं, चिंगारी या हानिकारक फ्यूम का उत्सर्जन नहीं होता और इलेक्ट्रोड, वेल्डिंग वायर या स्टील प्लेट जैसी सामग्री का उपयोग भी नहीं होता। इस तरह वेल्डरों को पारंपरिक प्रशिक्षण की तुलना में अधिक सुरक्षित, नियंत्रित और संसाधन-कुशल वातावरण उपलब्ध होता है।

सिम्युलेटर में अत्याधुनिक ऑप्टिकल इन्फ्रारेड ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जो वेल्डिंग टॉर्च की प्रत्येक गतिविधि को सटीकता से ट्रैक करता है। प्रशिक्षण के दौरान वेल्डर को वास्तविक समय में आर्क लेंथ, टॉर्च एंगल और ट्रैवल स्पीड जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर पर लाइव फीडबैक मिलता है। वेल्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम वेल्ड का कट-सेक्शन व्यू दिखाता है और वेल्ड की गुणवत्ता का विश्लेषण करते हुए पोरॉसिटी, अंडरकट, स्पैटर और पेनेट्रेशन जैसी संभावित खामियों की पहचान करता है। इससे वेल्डर अपनी तकनीकी कमियों को तुरंत समझकर आवश्यक सुधार कर सकता है।

यह सिम्युलेटर विभिन्न प्रकार की वेल्डिंग और कटिंग प्रक्रियाओं में प्रशिक्षण देने में सक्षम है। इसमें SMAW (स्टिक वेल्डिंग), MIG/MAG, TIG और प्लाज्मा कटिंग शामिल हैं। इसके अलावा वेल्डरों को फ्लैट, हॉरिजॉन्टल, वर्टिकल और ओवरहेड जैसी विभिन्न वेल्डिंग पोजिशन में भी प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इससे वास्तविक रखरखाव कार्यों के दौरान सामने आने वाली विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप वेल्डरों की दक्षता विकसित करने में मदद मिलेगी।

विशेष रूप से रेलवे रखरखाव कार्यों को ध्यान में रखते हुए सिम्युलेटर में भारतीय रेलवे का समर्पित प्रशिक्षण पैकेज उपलब्ध कराया गया है। इसके तहत पूर्ण आकार के वर्चुअल BOXN वैगन, हॉपर वैगन और कवर्ड वैगन बॉडी के साथ कोच के एंड और साइड पैनल जैसी संरचनाओं पर वेल्डिंग का अभ्यास कराया जा सकता है। इस सुविधा से वेल्डरों को वर्कशॉप और डिपो में नियमित रखरखाव कार्यों के दौरान जिन वास्तविक संरचनाओं और जॉब्स पर काम करना होता है, उन्हीं जैसी संरचनाओं पर प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा।

प्रशिक्षण प्रणाली में बेसिक से प्रोफेशनल स्तर तक के ग्रेडेड कोर्स उपलब्ध हैं। इनके माध्यम से वेल्डरों की क्षमता के अनुसार चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। सॉफ्टवेयर में अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं का विकल्प उपलब्ध है। प्रत्येक वेल्डर के लिए अलग लॉगिन की सुविधा है, जिससे उसके प्रशिक्षण, प्रदर्शन और प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से रखा जा सकता है। इसके अलावा सिस्टम से डाउनलोड की जा सकने वाली टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध होती है, जिसके माध्यम से प्रत्येक वेल्डर के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सकता है।

यह सुविधा रेलवे के सुरक्षा-संवेदनशील वेल्डिंग कार्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वास्तविक वैगन और कोचिंग स्टॉक पर कार्य करने से पहले वेल्डरों को सिम्युलेटर पर पर्याप्त अभ्यास और मूल्यांकन का अवसर मिलेगा। इससे वेल्डिंग की गुणवत्ता में सुधार, दोषपूर्ण वेल्ड की संभावना में कमी और रखरखाव कार्यों में अधिक एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मिक्स्ड रियलिटी आधारित इस प्रशिक्षण प्रणाली से फ्रेट वैगनों में वेल्ड रिपेयर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाने, बार-बार होने वाली रिपेयर की आवश्यकता कम करने और वैगनों के अनावश्यक डिटेंशन को घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पारंपरिक प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रोड, वेल्डिंग वायर, गैस और स्टील प्लेट जैसी सामग्री की खपत भी कम होगी। वास्तविक आर्क के उपयोग के अभाव में प्रशिक्षण के दौरान जलने से होने वाली चोट, धुएं और फ्यूम से जुड़े जोखिम भी कम होंगे।

मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश के निर्देशानुसार इस सुविधा का लाभ केवल साबरमती वैगन डिपो तक सीमित नहीं रहेगा। मंडल के गांधीधाम, भुज और कांकरिया स्थित C&W डिपो में कार्यरत वेल्डरों तथा संबंधित रखरखाव स्टाफ को भी निर्धारित बैच में साबरमती वैगन डिपो स्थित इस अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा में प्रशिक्षण दिया जाएगा। चरणबद्ध प्रशिक्षण के माध्यम से अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस तकनीक से परिचित कराया जाएगा। साथ ही उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन कर आवश्यकता के अनुसार आगे का प्रशिक्षण निर्धारित किया जाएगा।

अहमदाबाद मंडल की यह पहल रेलवे रखरखाव व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, कौशल विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय रेलवे संचालन सुनिश्चित करने के साथ रखरखाव कर्मचारियों के तकनीकी उन्नयन के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता भी सामने आती है।

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