गोंडा में रामकथा का समापन, शक्ति दुबे की विदाई पर भावुक हुईं महिलाएं
गोंडा के बरसडा में पांच दिवसीय रामकथा का समापन हुआ। कथावाचक शक्ति दुबे की विदाई के समय महिला श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
गोंडा के बरसडा में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा के दौरान कथावाचक शक्ति दुबे।
गोंडा जिले की बेलसर नगर पंचायत के बरसडा में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस से पंचम दिवस तक आयोजित पांच दिवसीय रामकथा का समापन श्रद्धा और भावुकता के माहौल में हुआ। अखिल भारतीय हिंदू समाज नवदुर्गा समिति की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय भजन गायिका एवं कथा वाचक शक्ति दुबे ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वाचन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया। कथा के अंतिम दिन शक्ति दुबे की विदाई के समय कई महिला श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
पांच दिनों तक चली रामकथा में कथा वाचक शक्ति दुबे ने भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा, त्याग, प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कथा के दौरान प्रसंगों के भावपूर्ण वाचन ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण करते रहे।
शारदीय नवरात्र के पांच दिनों तक बरसडा में धार्मिक वातावरण बना रहा। रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, संस्कार और मर्यादा का संदेश मिला। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को उनके आदर्शों और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व से परिचित कराया।
आयोजन के अंतिम दिन कथा वाचक शक्ति दुबे की विदाई का दृश्य भावुक कर देने वाला रहा। पांच दिनों तक कथा सुनने के दौरान उनसे जुड़ाव और भावनात्मक लगाव के चलते कई महिला श्रद्धालु विदाई के समय अपने आंसू नहीं रोक सकीं। महिलाओं की आंखों से छलके आंसुओं ने आयोजन के दौरान बने भावनात्मक संबंध को उजागर किया।
इस तरह अखिल भारतीय हिंदू समाज नवदुर्गा समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय रामकथा का समापन श्रद्धा, भक्ति और भावुकता के बीच हुआ। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश मिला और उनके प्रति आस्था और गहरी हुई।