गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह के तहत आयोजित राम कथा के पांचवें दिन व्यास पीठ से कथा सुनाते पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री।

गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित राम कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़कर माता सीता से स्वयंवर रचाने का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान व्यास पीठ से पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। उन्होंने मन को निर्मल रखने, राग-द्वेष का त्याग करने और हरि स्मरण करने का संदेश दिया।

पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को अपने मन में किसी के प्रति राग-द्वेष नहीं रखना चाहिए। अहंकार से दूर रहकर मन को निर्मल बनाना और भगवान का स्मरण करना चाहिए। ऐसे मनुष्यों पर भगवान की कृपा होती है।

मंडल के सदस्य महेश तेली ने बताया कि स्वर्ण जयंती समारोह के तहत आगामी पांच दिनों तक मंदिर परिसर में द्वारकाधीश, सांवरिया सेठ, श्रीनाथजी और खाटू श्याम जी के दरबार की विशेष झांकियां सजाई जाएंगी।

नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में प्रतिदिन हवन किया जा रहा है। इसी क्रम में 18 अक्टूबर को मंदिर परिसर में खाटू श्याम और गरुड़ भगवान की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा भी की जाएगी। राम कथा, विशेष झांकियों, हवन और प्राण प्रतिष्ठा के आयोजनों के माध्यम से मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों की शृंखला जारी है।

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