ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के आसान उपायों की जानकारी।

हिंदू धर्म में सूर्य देव को एकमात्र ऐसा देव माना जाता है, जिन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। सूर्य देव को ऊर्जा, प्रकाश और जीवन का आधार माना गया है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कुंडली में सूर्य की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि कुंडली में सूर्य मजबूत होने पर व्यक्ति के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी होती है। इसी विषय पर एस्ट्रोलॉजर गिरीश मल्होत्रा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है। इसमें उन्होंने कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के पांच उपाय बताए हैं।

ज्योतिषी गिरीश मल्होत्रा के अनुसार, सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में साफ जल भरें। इसमें लाल फूल, अक्षत, रोली, चंदन और थोड़ा सा गुड़ डालें। इसके बाद सूर्य देव की ओर मुख करके खड़े हों और धीरे-धीरे जल अर्पित करें।

पिता की सेवा और सम्मान भी सूर्य को मजबूत करने का महत्वपूर्ण उपाय बताया गया है। गिरीश मल्होत्रा के मुताबिक, सूर्य को मजबूत करने के लिए पिता की सेवा करना सबसे बड़ा उपाय है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पिता का कारक माना जाता है। ऐसे में कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए पिता का सम्मान करना, उनकी जरूरतों का ध्यान रखना और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहना चाहिए।

एस्ट्रोलॉजर के अनुसार, तांबे के बर्तन में पानी पीना भी सूर्य को मजबूत करने का एक उपाय है। ज्योतिष में तांबे को सूर्य से संबंधित धातु माना जाता है। इसी कारण तांबे के बर्तन में पानी पीने को सूर्य की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है।

गिरीश मल्होत्रा ने सुबह जल्दी उठने की आदत डालने की भी सलाह दी है। उनके अनुसार, रोज सुबह जल्दी उठने की कोशिश करनी चाहिए और उठने के बाद नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। यह उपाय सूर्य को मजबूत करने के लिए बताए गए उपायों में शामिल है।

इसके अलावा, एस्ट्रोलॉजर ने आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने की सलाह दी है। इसके लिए सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करके आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है।

गिरीश मल्होत्रा ने ये पांच उपाय अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किए गए वीडियो में बताए हैं। हालांकि, इस विषय में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय जानकारियों पर आधारित है। एनडीटीवी ने भी स्पष्ट किया है कि वह इन मान्यताओं की पुष्टि नहीं करता है।