अविनाश अरुण के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ में ज्योति निकम का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री वामिका गब्बी।   

मुंबई, 27 अक्टूबर। अभिनेत्री वामिका गब्बी के लिए फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ में 50 वर्षीय ज्योति निकम का किरदार निभाना एक अलग अभिनय अनुभव रहा। अपने तीसवें दशक में होने के बावजूद इस भूमिका के लिए उम्रदराज दिखने वाले कृत्रिम मेकअप और प्रोस्थेटिक्स का सहारा लेना पड़ा। इस रूपांतरण के बाद जब वामिका ने पहली बार खुद को आईने में देखा, तो वह अपनी ही छवि को ठीक से पहचान नहीं पाईं।

वामिका गब्बी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि प्रोस्थेटिक्स लगाने के बाद आईने में खुद को देखने का अनुभव उनके लिए बेहद अलग था। उन्होंने कहा, “पहली बार जब मैंने प्रोस्थेटिक्स लगने के बाद खुद को आईने में देखा, तो मैं लगातार खुद को देखती रही। यह बहुत अजीब एहसास था, क्योंकि मुझे पता था कि वह मैं ही हूं, लेकिन सामने दिख रहे व्यक्ति को मैं ठीक से पहचान नहीं पा रही थी।”

अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक आनंद आया। मेकअप की कुर्सी पर बैठकर अपने चेहरे को धीरे-धीरे बदलते देखना उनके लिए किरदार को वास्तविक रूप में महसूस करने का माध्यम बना। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान एक समय ऐसा आता है, जब किरदार उनके लिए पहले से अधिक वास्तविक लगने लगता है।

वामिका ने यह भी बताया कि कई बार वह भूल जाती थीं कि उनका रूप कितना बदल चुका है। उन्हें इसका एहसास तब होता था, जब सेट पर कोई उन्हें उनकी तस्वीर दिखाता था। अभिनेत्री के अनुसार, ज्योति निकम की भूमिका उनके लिए एक अलग तरह का अनुभव रही, जिसने उन्हें अभिनय के ऐसे पक्ष को तलाशने का अवसर दिया, जिसका अनुभव उन्होंने पहले नहीं किया था।

उन्होंने कहा, “ज्योति निकम का किरदार निभाना मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव था और मुझे खुशी है कि मुझे अभिनय के ऐसे पक्ष को जानने का अवसर मिला, जिसका अनुभव मैंने पहले नहीं किया था।”

‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ एक कानूनी नाटक पर आधारित फिल्म है। इसका निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है, जबकि दिनेश विजान ने मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले इसका निर्माण किया है। फिल्म में राजकुमार राव, वामिका गब्बी, ललित प्रभाकर, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी नजर आएंगे।

फिल्म में विशेष सरकारी अभियोजक उज्ज्वल निकम की 1993 के मुंबई बम धमाकों और 2008 के मुंबई हमलों से जुड़े कानूनी मामलों में भूमिका को दिखाया गया है। वामिका गब्बी का अनुभव इस बात को रेखांकित करता है कि ज्योति निकम के किरदार को पर्दे पर उतारने में केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि चेहरे के रूपांतरण और मेकअप की पूरी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रही।

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