फिल्म 'तनु वेड्स मनु' के एक दृश्य में आर माधवन और कंगना रनौत, निर्देशक आनंद एल राय ने फ्रेंचाइजी के अगले भाग के लिए दोनों कलाकारों की मौजूदगी को अनिवार्य बताया है।

फिल्मकार आनंद एल राय ने ‘तनु वेड्स मनु 3’ को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि आर माधवन और कंगना रनौत के बिना इस फिल्म फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी संभव नहीं है। उन्होंने साफ किया कि फिल्म का तीसरा, चौथा या पांचवां भाग बने, उसमें दोनों मूल कलाकारों की मौजूदगी जरूरी होगी। उनके इस बयान के बीच फिल्म के नए कलाकारों और अलग कहानी के साथ बनाए जाने की खबरों पर भी चर्चा हो रही है।

आनंद एल राय ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “तनु वेड्स मनु माधवन के बिना संभव नहीं है। इसलिए जब भी आप ‘तनु वेड्स मनु’ का कोई भी भाग देखेंगे, चाहे तीसरा हो, चौथा हो या पांचवां, उसमें माधवन और कंगना होंगे।” उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वह फ्रेंचाइजी की पहचान उसके मूल कलाकारों से जोड़कर देखते हैं।

आनंद एल राय ने इस रोमांटिक-कॉमेडी फ्रेंचाइजी की पहली दो फिल्मों का निर्देशन किया था। पहली फिल्म 2011 में और दूसरी फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी। दोनों फिल्मों को व्यावसायिक सफलता मिली थी। इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि फिल्म का तीसरा भाग नए कलाकारों और स्वतंत्र कहानी के साथ तैयार करने की योजना बनाई जा रही है।

‘तनु वेड्स मनु’ की मूल कहानी एक ऐसे अनिवासी भारतीय (एनआरआई) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे उसके माता-पिता द्वारा चुने गए रिश्ते में लड़की से प्यार हो जाता है। हालांकि, उस लड़की का दिल किसी दूसरे व्यक्ति के लिए धड़कता है। इसी कहानी के आधार पर फिल्म की रोमांटिक-कॉमेडी दुनिया विकसित हुई थी।

आनंद एल राय हिंदी सिनेमा में छोटे शहरों और मध्यमवर्गीय किरदारों की कहानियों को लोकप्रिय बनाने के लिए जाने जाते हैं। ‘तनु वेड्स मनु’, ‘रांझणा’ और ‘अतरंगी रे’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। फिल्म उद्योग में बड़े बजट की फिल्मों की बढ़ती मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनका ध्यान हमेशा फिल्म के बजट के बजाय उसकी कहानी पर रहा है।

राय ने कहा, “मैं कहानियों का गुलाम हूं। निर्माता या निर्देशक के रूप में जब मैं काम शुरू करता हूं, तो मेरे लिए सबसे अहम बात यह होती है कि क्या वह कहानी मुझे उतना उत्साहित करती है? पहला दर्शक मैं खुद हूं और कहानी मुझे पसंद आनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि कहानी कहने की इच्छा बजट से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, कोई कहानी 10 करोड़ रुपये या 500 करोड़ रुपये के बजट में बनाई जा सकती है, लेकिन वह फिल्म के आकार को प्राथमिकता नहीं देते।

बॉलीवुड में बार-बार बदलते रुझानों के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर राय ने इसे मानवीय प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने फिल्म निर्माताओं को अपनी खूबियों और उन क्षेत्रों को पहचानने की सलाह दी, जिनमें वे बेहतर काम कर सकते हैं। राय ने कहा, “खुद को बार-बार दोहराना अच्छी बात नहीं है, लेकिन साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपकी दुनिया कौन-सी है, जिसमें आप बेहतर कर सकते हैं। यही वह दुनिया है, जहां आप कुछ नया खोज सकते हैं।” उन्होंने यह बात जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान कही।

इस बीच, आनंद एल राय की अगली निर्माण परियोजना ‘नखरेवाली’ भी चर्चा में है। फिल्म में नए कलाकार अंश दुग्गल और प्रगति श्रीवास्तव नजर आएंगे, जबकि इसका निर्देशन राहुल शंकल्या ने किया है। राय ने दोनों कलाकारों की सेट पर मौजूदगी और उनके आत्मविश्वास की तारीफ की।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए वे बड़े सितारे हैं। सेट पर उनका काम करने का तरीका शानदार है। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। जब मैंने अपनी पहली फिल्म का निर्देशन किया था, तब मैं घबराया हुआ तो नहीं था, लेकिन इन दोनों कलाकारों जितना आत्मविश्वासी भी नहीं था।”

अंश दुग्गल और प्रगति श्रीवास्तव ने भी राय की निर्माण परियोजना में काम करने का अवसर मिलने पर आभार जताया। दुग्गल ने कहा, “उनकी प्रतिष्ठा के कारण लोगों का ध्यान इस फिल्म पर जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मैं उम्मीदों पर खरा उतर सकूंगा।”

वहीं, प्रगति श्रीवास्तव ने कहा कि वह राय की फिल्मों की प्रशंसक रही हैं। उनके अनुसार, राय के साथ काम करते हुए उन्होंने महसूस किया कि कलाकारों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि राय ने कलाकारों को स्वयं बने रहने और अपने किरदार को स्वाभाविक ढंग से निभाने की स्वतंत्रता दी।

‘नखरेवाली’ 30 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। वहीं, ‘तनु वेड्स मनु 3’ को लेकर आनंद एल राय का बयान इस फ्रेंचाइजी के मूल कलाकारों की वापसी पर उनके रुख को स्पष्ट करता है।

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