दिवाली पर सोनी सब के कलाकारों ने साझा की बचपन की यादें, जानिए किस्से
करुणा पांडे, मुकुल हरीश, विवाना सिंह और जितेन लालवानी ने दिवाली की पारिवारिक परंपराओं और तैयारियों के अपने अनमोल पल साझा किए।
दिवाली पर विवाना सिंह, मुकुल हरीश, करुणा पांडे और जितेन लालवानी ने बचपन की यादें साझा कीं।
मुंबई, नवंबर 2026: दिवाली की जगमगाती रोशनी, घर में बनने वाले पकवान, नए कपड़ों का उत्साह और परिवार के साथ बिताए गए अनमोल पल। त्योहार की ये यादें बचपन से ही हर किसी के दिल में खास जगह बना लेती हैं। वक्त के साथ दिवाली मनाने के तौर-तरीके बदल सकते हैं, लेकिन बचपन में इस त्योहार से जुड़ी यादों की मिठास हमेशा बरकरार रहती है। इसी भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए सोनी सब के कलाकार करुणा पांडे, मुकुल हरीश, विवाना सिंह और जितेन लालवानी ने अपनी बचपन की दिवाली के ऐसे किस्से बताए, जिनमें पारिवारिक परंपराओं से लेकर त्योहार की तैयारियों तक के खास पल शामिल हैं।
सोनी सब के धारावाहिक ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की भूमिका निभाने वाली करुणा पांडे ने अपने बचपन की दिवाली की यादें साझा करते हुए बताया कि उनके पिता रक्षा बलों में कार्यरत थे। इस वजह से परिवार को हर कुछ वर्षों में अलग-अलग शहरों में दिवाली मनाने का अवसर मिलता था। उन्होंने बताया, "मेरी बचपन की दिवाली की यादें बहुत खास हैं, क्योंकि मेरे पिता रक्षा बलों में थे, इसलिए हम हर कुछ वर्षों में अलग-अलग शहरों में यह त्योहार मनाते थे। मुझे याद है कि हम अपने घरों को दीयों और रोशनी से सजाते थे और हमारे यहां बहुत सारे मेहमान आया करते थे। मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा पटाखे जलाना और मेरी मां के हाथों से बने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना था। बच्चों के रूप में हमारी सबसे बड़ी उत्सुकता यह होती थी कि पूजा कब खत्म होगी, ताकि हम आखिरकार मिठाइयों और त्योहार के विशेष पकवानों का आनंद ले सकें। अपने माता-पिता और बहन के साथ बिताए गए वे जश्न मेरे लिए ऐसी यादें हैं, जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखूंगी।"
इसी धारावाहिक में टाइगर की भूमिका निभाने वाले मुकुल हरीश के लिए भी दिवाली बचपन से ही किसी जादू से कम नहीं रही है। उन्होंने बताया कि त्योहार के दिन सुबह जल्दी उठना, नए कपड़े पहनना और शाम को घर में होने वाली पूजा में शामिल होना उनकी दिनचर्या का हिस्सा हुआ करता था। उनकी सबसे खास यादों में पिता की फैक्ट्री में आयोजित होने वाली दिवाली पूजा भी शामिल है। मुकुल ने कहा, "दिवाली मेरे लिए बचपन में भी किसी जादू से कम नहीं थी और आज भी वैसी ही है। मुझे याद है कि मैं सुबह जल्दी उठता था, नए कपड़े पहनता था और शाम को घर पर होने वाली पूजा में शामिल होता था। मेरी सबसे पसंदीदा यादों में से एक अपने पिता की फैक्ट्री में होने वाली खास दिवाली पूजा में सभी के साथ जाना है। वहां की सजावट बेहद खूबसूरत होती थी और पूरा माहौल त्योहार की उत्साहपूर्ण ऊर्जा से भरा रहता था। और हां, सबसे मजेदार हिस्सा होता था ढेर सारी मिठाइयां खाना और पटाखे जलाना। आजकल मैं रोशनी और स्वादिष्ट पकवानों के साथ दिवाली का उत्साह बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान देता हूं, साथ ही पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखता हूं।"
सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में गांधारी की भूमिका निभाने वाली विवाना सिंह ने अपनी बहनों के साथ दिवाली की तैयारियों को बचपन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल बताया। उनके लिए त्योहार का उत्साह सजने-संवरने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा, "मेरी बचपन की दिवाली की सबसे प्यारी यादों में से एक अपनी बहनों के साथ त्योहार के लिए तैयार होना है। हम एक-दूसरे को कपड़े चुनने में मदद करते थे, साथ मिलकर तैयार होते थे और अपना लुक पूरा करने के लिए एक-दूसरे की ज्वेलरी भी पहन लेते थे। तैयार होने के दौरान हमेशा ढेर सारी उत्सुकता, हंसी-मजाक और थोड़ा-बहुत मजेदार हंगामा रहता था। साथ मिलकर सजने-संवरने और परिवार के साथ त्योहार मनाने के वे पल ही दिवाली की मेरी सबसे खूबसूरत यादें हैं।"
वहीं, ‘हस्तिनापुर के वीर’ में द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले जितेन लालवानी के लिए दिवाली की यादें घर की सफाई और मां के साथ त्योहार की तैयारियों से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां त्योहार से पहले घर की सफाई और व्यवस्था करने में उनसे मदद लिया करती थीं। उस समय यह काम उन्हें काफी बड़ा लगता था, लेकिन साथ मिलकर काम करने से तैयारियां भी मनोरंजक बन जाती थीं। जितेन ने कहा, "मेरे पास घर में दिवाली की तैयारियों की बहुत प्यारी यादें हैं, खासकर सफाई की। मेरी मां हमेशा इस बात का ध्यान रखती थीं कि त्योहार से पहले घर की सफाई और व्यवस्था करने में मैं उनकी मदद करूं। उस समय यह काम काफी बड़ा लगता था, लेकिन हम इसे साथ मिलकर करते थे, इसलिए यह मजेदार बन जाता था। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो दिवाली के लिए घर तैयार करने में मां की मदद करते हुए बिताए गए वे छोटे-छोटे पल मेरे बचपन की सबसे अनमोल यादों में शामिल हो गए हैं।"
बचपन की इन यादों के जरिए सोनी सब के कलाकारों ने दिवाली से जुड़े पारिवारिक रिश्तों, परंपराओं और उत्सव के उन पलों को सामने रखा, जो समय बीतने के बाद भी यादों में जीवंत रहते हैं। दर्शक सोनी सब पर ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ और ‘हस्तिनापुर के वीर’ देख सकते हैं।