तस्वीर में 'हस्तिनापुर के वीर' शो के पोस्टर पर रथ पर सवार पांच बच्चे दिख रहे हैं।

मुंबई, सितम्बर, 2026: सोनी पल अपने नए पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के साथ दर्शकों के सामने महाभारत के उन किरदारों की शुरुआती कहानी लेकर आ रहा है, जो आगे चलकर इस महागाथा के प्रमुख वीर बने। शो का प्रीमियर 29 सितंबर को होगा और यह सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सोनी पल पर प्रसारित किया जाएगा।

‘हस्तिनापुर के वीर’ में पांडवों और कौरवों के शुरुआती वर्षों की कहानी दिखाई जाएगी। शो में उनके बचपन, आपसी रिश्तों, मतभेदों और उन अनुभवों को केंद्र में रखा गया है, जिन्होंने आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और जीवन को आकार दिया। कहानी हस्तिनापुर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ेगी और महाभारत के इन प्रमुख किरदारों के जीवन के शुरुआती दौर को नए अंदाज में प्रस्तुत करेगी।

शो में केवल बड़े और चर्चित प्रसंगों पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि उन मानवीय रिश्तों और भावनाओं को भी सामने लाया गया है, जो इन किरदारों के जीवन का हिस्सा रहे। भाईचारा, परिवार की उम्मीदें, परवरिश और जीवन में लिए गए फैसलों का उनके भविष्य पर पड़ा प्रभाव कहानी का अहम हिस्सा होगा। बचपन और शुरुआती वर्षों पर फोकस करते हुए शो यह कहानी सामने लाएगा कि आगे चलकर यही किरदार महाभारत के सुप्रसिद्ध वीर कैसे बने।

पेनिनसुला पिक्चर्स द्वारा निर्मित इस शो में अनुभवी कलाकार पौराणिक किरदारों को पर्दे पर साकार करेंगे। तोरल रासपुत्र कुंती, अथर खान युधिष्ठिर, सुभाष खत्री भीम, उर्वा सावालिया अर्जुन, हरित गबानी नकुल, मयंक यादव सहदेव, आयुध भानुशाली दुर्योधन, शौर्य उपाध्याय दुःशासन, जितेन लालवानी द्रोणाचार्य, चंदन आनंद शकुनि और मनीष वाधवा भीष्म पितामह की भूमिका में नजर आएँगे।

बड़े स्तर पर तैयार किए गए इस शो में भव्य सेट, शानदार कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन के जरिए उस दौर की भव्यता को पर्दे पर उतारा गया है, जो शक्ति, सम्मान और नियति के लिए जाना जाता था।

अभिनेत्री तोरल रासपुत्र ने कहा, “कुंती का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत खास अनुभव रहा है। कुंती को अक्सर एक मजबूत और शांत माँ के रूप में देखा जाता है, लेकिन मुझे उनके उस रूप को समझना ज्यादा दिलचस्प लगा, जो उनकी मजबूती का कारक है। उनके डर, त्याग और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर उनकी भावनाएँ बहुत कुछ बताती हैं। एक कलाकार के तौर पर उनके भीतर के संघर्ष और बाहर नजर आने वाली मजबूती, दोनों को साथ दिखाना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण रहा। दर्शक कुंती का ऐसा रूप देखेंगे, जो ज्यादा वास्तविक और अपनेपन वाला लगेगा। वे सिर्फ एक पौराणिक किरदार नहीं, बल्कि एक महिला, एक माँ और ऐसी शख्सियत हैं, जिनके फैसलों का इतिहास पर गहरा असर पड़ा।”

अभिनेता मनीष वाधवा ने कहा, “मेरा मानना है कि ‘हस्तिनापुर के वीर’ सिर्फ एक पौराणिक ड्रामा नहीं है। इसमें ऐसी सीख और मूल्य भी हैं, जो आज भी हमारे लिए मायने रखते हैं। माता-पिता के लिए यह शो याद दिलाता है कि वे अपने बच्चों को सबसे बड़ी चीज अच्छे संस्कार और मजबूत मूल्य दे सकते हैं। यह कहानी सिर्फ और सिर्फ सिखाने के बजाय खुद सोचने और समझने का मौका भी देती है। साथ ही, यह हमें खुद को और अपने बच्चों को एक नए नजरिए से देखने के लिए भी प्रेरित करती है।”

विरासत, साहस और नियति से जुड़ी यह कहानी ‘हस्तिनापुर के वीर’ 29 सितंबर से सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सिर्फ सोनी पल पर प्रसारित होगी।