रणवीर सिंह के अभिनय की सतिंदर सरताज ने की प्रशंसा, 'धुरंधर' ने बनाए रिकॉर्ड

सतिंदर सरताज ने फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर सिंह के भावनात्मक दृश्यों और उनके अभिनय के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया है।

Update: 2026-05-04 10:03 GMT

अभिनेता रणवीर सिंह (बाएं) और गायक सतिंदर सरताज (दाएं), जिन्होंने फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर के अभिनय और भावनात्मक दृश्य की गहराई की सराहना की है।

रणवीर सिंह का ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी में बढ़ता दबदबा अब केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े phenomenon का रूप ले चुका है। हर नई किस्त के साथ उन्होंने केवल अभिनय नहीं किया, बल्कि स्वयं को पूरी तरह बदलते हुए मुख्यधारा के भारतीय सिनेमा में परफॉर्मेंस की सीमाओं को आगे बढ़ाया है। परतदार किरदारों से लेकर फिल्म समाप्त होने के बाद भी याद रह जाने वाले भावनात्मक पलों तक, उन्हें दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों से व्यापक सराहना मिली है।

इसी क्रम में गायक और अभिनेता सतिंदर सरताज ने भी रणवीर सिंह के प्रदर्शन की गहराई से प्रशंसा की। एक भावुक दृश्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “फिल्म में एक सीन है, जब वह ट्रेन से घर लौट रहा होता है और एक बच्चे को देखकर रो पड़ता है। मैं उससे पूछना चाहूंगा कि उस समय वह क्या सोच रहा था? क्योंकि मुझे लगा कि वह सच में रो रहा था। इतना वास्तविक होना बहुत मुश्किल है। और रोज़-रोज़ ऐसा करने से आप कितने थक जाते होंगे। अगर आपको हर दिन ऐसे दो सीन करने हों, तो आप पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। यह बहुत मेहनत का काम है। मैं वहां खड़ा हो गया और बिना फिल्म के किसी भी कास्ट या क्रू की मौजूदगी के मैंने उसे स्टैंडिंग ओवेशन दिया। मैं ऐसी मेहनत की दिल से कद्र करता हूं।”

यह टिप्पणी केवल प्रशंसा नहीं, बल्कि उस अभिनेता की पहचान है जो अपने किरदारों में इतना डूब जाता है कि अभिनय और वास्तविकता के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह ने तीव्रता के साथ भावनात्मक सच्चाई भी प्रस्तुत की, जिसने अनुभवी कलाकारों जैसे सरताज को भी गहराई से प्रभावित किया।

आगे सरताज ने कहा, “वह अब अपने काम के प्रति और भी ज्यादा ज़मीन से जुड़े और ईमानदार हो गए हैं। वह पहले से ही ऐसे थे। कुछ पल किस्मत में होते हैं, लेकिन उसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। अगर वह मुंबई या कहीं और शूटिंग कर रहे हैं, और रात को होटल या घर लौटते हैं, तो उन्हें कई तरह की भावनाएं महसूस होती होंगी—खालीपन, संतोष और बेहद थकान। यह बहुत कठिन काम है।”

इन बयानों से स्पष्ट होता है कि रणवीर सिंह की विशिष्टता केवल उनके टैलेंट में नहीं, बल्कि उनकी कला के प्रति निरंतर समर्पण में निहित है। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी इस समर्पण का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है, जहां वह स्क्रीन पर सच्चाई लाने के लिए स्वयं को पूरी तरह समर्पित करते हैं।

आलोचकों की प्रशंसा के साथ-साथ आंकड़े भी उनकी सफलता को प्रमाणित करते हैं। रणवीर सिंह ने कई बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़े हैं और हिंदी सिनेमा में सफलता की नई परिभाषा स्थापित की है। ₹1000 करोड़ हिंदी नेट क्लब का चेहरा बनकर उन्होंने स्वयं को एक विशिष्ट श्रेणी के ‘संस्थापक’ के रूप में स्थापित किया है, जो पैमाने, निरंतरता और बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ का प्रतीक है।

वर्तमान में रणवीर सिंह केवल सफलता का आनंद नहीं ले रहे, बल्कि उसे दिशा भी दे रहे हैं। ‘धुरंधर’ के माध्यम से उन्होंने अपने करियर के सबसे सराहनीय प्रदर्शनों में से एक दिया है और स्वयं को नए बॉक्स ऑफिस सम्राट के रूप में स्थापित कर लिया है।

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