ग्वालियर में लिपस्टिक के निशानों से सजी कार और उससे जुड़े मामले में कार मालिक आदित्य सिकरवार।

प्यार का इजहार करने और सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के अनोखे शौक ने ग्वालियर के एक युवक को भारी मुसीबत में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल होने और रील्स की चाहत में एक युवक ने अपनी कार का ऐसा मेकओवर करवाया कि वह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया, लेकिन इसके चलते उसे ट्रैफिक पुलिस के हाथों भारी जुर्माना भी भुगतना पड़ गया।

पूरा मामला यह है कि ग्वालियर के रहने वाले आदित्य सिकरवार ने एक विदेशी सोशल मीडिया ट्रेंड की देखादेखी अपनी कार पर अपनी गर्लफ्रेंड से लिपस्टिक के निशान लगवाए। कार के मेकओवर के नाम पर गर्लफ्रेंड ने लगातार कई घंटे मेहनत करके वाहन पर कुल 3400 किस के निशान उकेरे। स्थिति यह हो गई कि पूरी कार पर लिपस्टिक के गुलाबी निशान इस तरह फैल गए कि देखने वालों को ऐसा लगा मानो कार का मूल रंग ही बदल दिया गया हो। इस अनोखे और अजीबोगरीब कारनामे के पीछे मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके ढेरों व्यूज और लाइक्स हासिल करना था।

हालांकि, यह नादानी सोशल मीडिया पर वायरल होती, उससे पहले ही यह कार ट्रैफिक पुलिस की नजरों में आ गई। रील्स बनाने के चक्कर में यह गाड़ी ट्रैफिक कैमरों और पुलिसकर्मियों की गिरफ्त में आ गई। व्यूज मिलने से पहले ही पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए कार मालिक का 5500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। इसके बाद युवक की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं, बल्कि असली चुनौती इन निशानों को हटाने को लेकर सामने आई।

चूंकि आज के दौर में वाटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग लिपस्टिक का चलन है, इसलिए कार पर बने उन 3400 निशानों को साफ करना बेहद कठिन साबित हुआ। आदित्य को जितने लंबे समय में ये निशान बनवाए गए थे, लगभग उतने ही घंटों की कड़ी मशक्कत इन्हें रगड़-रगड़ कर मिटाने में लगानी पड़ी। जैसे ही यह पूरा मामला इंटरनेट पर सामने आया, लोगों ने कार और उसके मालिक का जमकर मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि आरटीओ कार्यालय में पहले कार के रंग बदलने का फॉर्म भर देना चाहिए था, तो वहीं अन्य लोगों ने इस घटना पर तीखी और हास्यप्रद टिप्पणियां कीं। यह घटना इस बात का एक बड़ा उदाहरण बन गई है कि सोशल मीडिया पर रातों-रात प्रसिद्धि पाने की चाहत कभी-कभी भारी आर्थिक दंड और सार्वजनिक फजीहत का कारण बन सकती है।