बिग बॉस के 20 साल: रियलिटी शो से भारत की रोज़मर्रा की आदत तक कैसे पहुंचा सफर
बिग बॉस ने 6 सितंबर को सीज़न 20 के साथ दो दशक पूरे किए। सलमान खान की मेजबानी वाला यह शो रियलिटी टीवी से आगे बढ़कर भारतीय पॉप कल्चर और रोज़मर्रा की चर्चाओं का हिस्सा कैसे बना, जानिए इसका सफर।
तस्वीर में अभिनेता सलमान खान काले रंग की टी-शर्ट और काउबॉय हैट पहने मंच पर खड़े होकर उंगली से इशारा कर रहे हैं।
6 सितंबर को 20वें सीज़न के साथ बिग बॉस ने भारतीय टेलीविजन पर दो दशक पूरे कर एक ऐतिहासिक पड़ाव हासिल किया। पहली बार भारतीय टेलीविजन पर आया यह शो एक सरल लेकिन दिलचस्प कॉन्सेप्ट पर आधारित था, जिसमें कुछ सेलिब्रिटीज़ को एक घर में बंद कर बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाता है और 24 घंटे कैमरों के सामने उनकी गतिविधियां दिखाई जाती हैं। दो दशक बाद यही फॉर्मैट एक बड़े सांस्कृतिक फेनोमेना में बदल चुका है।
सीज़न 20 में भी सुपरस्टार सलमान खान शो की मेजबानी कर रहे हैं। उनका खास अंदाज, हाजिरजवाबी और दमदार मौजूदगी लंबे समय से बिग बॉस की पहचान का हिस्सा रहे हैं। टेलीविजन पर कई ट्रेंड आए और चले गए, लेकिन बिग बॉस ने अपनी लोकप्रियता कायम रखी। डिजिटल और स्ट्रीमिंग के दौर में भी शो ने खुद को बदला और दर्शकों के बीच अपनी पकड़ बरकरार रखी।
बिग बॉस के क्रेज़ को समझने के लिए किसी बड़े शहर में इसके सीज़न के दौरान आसपास नजर डालना ही काफी है। मुंबई या दिल्ली की लोकल ट्रेन या मेट्रो में शाम के समय सफर करते हुए कई मोबाइल स्क्रीन पर बिग बॉस के लेटेस्ट एपिसोड के रीकैप, वायरल क्लिप्स या घर में हुई किसी बहस की झलक आसानी से दिखाई दे सकती है।
घरों से लेकर ऑफिस के लंच ब्रेक और दोस्तों की वीकेंड मीटिंग्स तक बातचीत अक्सर बिग बॉस पर पहुंच जाती है। चर्चा होती है कि किसने सही के लिए आवाज़ उठाई, किसने किसका गेम समझा, किसने माइंड गेम खेला और इस वीकेंड कौन घर से बाहर हो सकता है।
जो शो कभी सिर्फ टाइमपास या गिल्टी प्लेज़र के तौर पर देखा जाता था, वह अब बड़े कल्ट फॉलोइंग में बदल चुका है। बिग बॉस इंसानी सोच, रिश्तों, टकराव और रणनीति को करीब से दिखाता है। यही वजह है कि दर्शक सिर्फ शो देखते नहीं, बल्कि उसके बारे में अपनी राय बनाते हैं और खुलकर चर्चा भी करते हैं।
फैंस अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स को देखने तक सीमित नहीं रहते। वे सोशल मीडिया पर उनका समर्थन करते हैं, उनके गेम और रणनीति पर बहस करते हैं और उन्हें वोट भी करते हैं। शो का रोज़ाना देखने वाला यह अनुभव अलग-अलग पीढ़ियों को जोड़ता है। इसमें कॉलेज जाने वाले छात्रों से लेकर रोज सफर करने वाले युवाओं और डिनर टेबल के आसपास साथ बैठकर शो देखने वाले परिवारों तक की भागीदारी नजर आती है।
लगातार बदलते मीडिया और मनोरंजन के दौर में 20 साल पूरे करना बिग बॉस के लिए एक बड़ा पड़ाव है। यह अब सिर्फ टीआरपी की दौड़ में शामिल एक और रियलिटी शो नहीं रह गया है, बल्कि भारतीय पॉप कल्चर का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसने अपनी स्थायी जगह बना ली है।
सीज़न 20 की शुरुआत के साथ बिग बॉस एक बार फिर यह दिखा रहा है कि पिछले दो दशकों में कंटेंट और उसे देखने के तरीकों में कितना भी बदलाव आया हो, शो को लेकर भारत की दीवानगी आज भी कायम है। दो दशक बाद भी बिग बॉस दर्शकों की रोज़मर्रा की बातचीत, सोशल मीडिया की चर्चाओं और मनोरंजन की आदतों में अपनी जगह बनाए हुए है।