पुलिस अधिकारी कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी साझा कर रहे हैं।

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच ने एक सनसनीखेज मोड़ ले लिया है, जहां इस बहुचर्चित मामले में अब मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा को साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत में इस मामले में कारोबारी की बहू शालू को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस की गहरी छानबीन और आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब पूरी कहानी ही बदलती हुई नजर आ रही है।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड का खुलासा उस वक्त हुआ जब गिरफ्तार किए गए पूर्व नौकर विशाल गौतम से कड़ाई से पूछताछ की गई। विशाल ने अपने बयान में दावा किया कि दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या किसी और के कहने पर नहीं, बल्कि उनके अपने बेटे सुब्रत मिनोचा की साजिश के तहत की गई थी। आरोपी विशाल ने पुलिस को बताया कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के एवज में उसे छह लाख रुपये देने का सौदा तय हुआ था। इसके साथ ही विशाल ने यह भी बड़ा आरोप लगाया कि सुब्रत ने उसे पहले ही यह निर्देश दे रखा था कि यदि वह पुलिस के हाथ पकड़ा जाता है, तो वह सारा इल्जाम और हत्या का यह आरोप सुब्रत की पत्नी शालू पर मढ़ देगा।

गौरतलब है कि पिछले महीने पांच सितंबर की रात को विनीत मिनोचा की उनके ही फ्लैट में निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए उनके पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर पर डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर फ्लैट के अंदर घुसने का आरोप लगा था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विशाल और राजकिशोर को दबोच लिया था, जिन्होंने शुरुआती पूछताछ में शालू की संलिप्तता की ओर इशारा किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने शालू को भी हिरासत में ले लिया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बिठाकर क्रॉस पूछताछ की, उनके बयानों में भारी विरोधाभास सामने आने लगा, जिसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

पुलिस की इस व्यापक जांच में अब सुब्रत मिनोचा की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई है, जिस पर अपने ही पिता की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी देने और डुप्लीकेट चाबी मुहैया कराने का शक है। शुरुआती दौर में आरोपी बनाई गई शालू की भूमिका को लेकर अब पुलिस को कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं, जिससे उसे इस मामले में कानूनी राहत मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि सुब्रत पर भारी कर्ज का बोझ था और पारिवारिक तथा संपत्ति विवाद भी इस खूनी साजिश की एक बड़ी वजह बने। फिलहाल, पुलिस फ्लैट से बरामद डीवीआर, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की हर एक कड़ी को तेजी से जोड़ने में जुटी है।