चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सैनिक स्कूल के कैडेट्स ने चलाया विशेष स्वच्छता अभियान
सैनिक स्कूल के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के तहत चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर कैडेट्स ने स्वच्छता अभियान चलाकर धरोहर संरक्षण का संदेश दिया।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ दुर्ग परिसर में विजय स्तंभ के सामने स्वच्छता अभियान के दौरान एकत्र किए गए कचरे के साथ सैनिक स्कूल के कैडेट्स और स्टाफ नजर आ रहे हैं।
सैनिक स्कूल के 66वें स्थापना दिवस 07 अगस्त के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शनिवार को ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश देना था।
यह स्वच्छता अभियान प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्या लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल तथा प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी श्रीकुमार के निर्देशन में संपन्न हुआ। जनसम्पर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि अभियान के माध्यम से समाज में स्वच्छता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
अभियान में सैनिक स्कूल के कैडेट्स एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कैडेट्स ने दुर्ग परिसर और आसपास के क्षेत्रों में फैले कचरे का संग्रहण किया। प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक अपशिष्ट सामग्री को अलग-अलग एकत्रित कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था की गई। साथ ही दुर्ग की प्राचीर और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की साफ-सफाई कर ऐतिहासिक धरोहरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने कैडेट्स को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।
स्वच्छता अभियान के दौरान कैडेट्स ने अनुशासन और उत्साह के साथ अपनी भागीदारी निभाते हुए स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम संयोजक जयपाल सिंह शेखावत थे।