तस्वीर में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का आधिकारिक लोगो दिखाई दे रहा है।

मुंबई, अगस्त 2026: बीमा खरीदने वाले ग्राहक तेज, सरल और बिना किसी झंझट के सेवाएं चाहते हैं। ग्राहकों की इसी अपेक्षा को ध्यान में रखते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लगातार टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का दायरा बढ़ा रहा है। कंपनी का कहना है कि इससे ग्राहकों को बेहतर और तेज़ सेवाएं मिल रही हैं, वहीं परिचालन लागत में भी कमी आई है।

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का बचत कारोबार का लागत अनुपात घटकर 13.6% रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 50 बेसिस पॉइंट कम है। इसी अवधि में लगभग 58% पॉलिसियां डिजिटल केवाईसी के माध्यम से जारी की गईं, जबकि बचत से जुड़ी 54% पॉलिसियां ग्राहकों को उसी दिन जारी कर दी गईं।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर गणेशन सौंदिरम ने कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ काम को डिजिटल ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए हर प्रक्रिया को आसान और तेज़ भी बनाना है। एआई और हमारे डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से पॉलिसी लेना, सेवाएँ पाना और दावा करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।"

कंपनी का एआई आधारित चैटबॉट 'आस्क खुशमणि', व्हाट्सऐप सेवा और डिजिटल क्लेम सिस्टम ग्राहकों को दावा दर्ज करने और उसकी स्थिति जानने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही एआई आधारित मॉडल अंडरराइटिंग और दावों के आकलन में भी उपयोग किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार, इसी वजह से बिना जांच वाले व्यक्तिगत दावों के लिए औसत भुगतान समय केवल एक दिन रहा और कंपनी ने 99.3% का दावा निपटान अनुपात हासिल किया। वहीं, सलाहकारों के लिए उपलब्ध आईपीआरयू एज ऐप भी कार्य प्रक्रिया को तेज और आसान बना रहा है। कंपनी ने कहा कि टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश के साथ वह आने वाले समय में भी ग्राहकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने पर अपना फोकस बनाए रखेगी।