एचडीएफसी बैंक के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन और आरबीआई की विनियामक प्रक्रिया को दर्शाता एक प्रतीकात्मक चित्र|

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्तर पर माथापच्ची चल रही है, क्योंकि बैंक के मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। बैंक ने अपने शीर्ष पद के लिए आरबीआई के पास दो प्रमुख नामों की सिफारिश की है, जिसमें अनूप बागची और कैजाद भरूचा के नाम शामिल हैं।

अनूप बागची का नाम सबसे आगे

इस रेस में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ अनूप बागची का नाम सबसे आगे चल रहा है। 55 वर्षीय बागची पिछले तीन साल से इस पद पर हैं। इससे पहले वह 2017 से आईसीआईसीआई बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में होलसेल बैंकिंग, ट्रांजैक्शन बैंकिंग और मार्केट्स ग्रुप जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। हालांकि, आरबीआई इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि कुछ वर्षों से मुख्यधारा की बैंकिंग से दूर रहने के कारण वह वर्तमान रेगुलेटरी और ऑपरेटिंग माहौल के बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में कितने सक्षम हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर आरबीआई ने इंश्योरेंस रेगुलेटर और आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ संदीप बख्शी से भी फीडबैक मांगा है। चूंकि जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है, इसलिए यदि रेगुलेटरी प्रक्रिया में समय लगता है, तो बोर्ड को बैकअप विकल्प भी तैयार रखने पड़ सकते हैं।

कैजाद भरूचा की उम्मीदवारी पर पेंच

आरबीआई बैंक द्वारा सुझाए गए दूसरे उम्मीदवार और 61 वर्षीय कैजाद भरूचा के नाम पर भी विचार कर रहा है। भरूचा जून 2014 से बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। नियमों के अनुसार, यदि उन्हें चुना जाता है, तो होल-टाइम डायरेक्टर, एमडी या सीईओ के रूप में लगातार काम करने की आरबीआई की 15 साल की समय-सीमा जून 2029 में पूरी हो जाएगी। इस वजह से वह बतौर सीईओ अपना पूरा तीन साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे, जिसे लेकर भी विचार किया जा रहा है।