पुलक मंच परिवार का 29वां राष्ट्रीय महाधिवेशन भीलवाड़ा में सम्पन्न, 170 सदस्यीय टीम गठित
भीलवाड़ा में पुलक मंच परिवार के 29वें राष्ट्रीय महाधिवेशन में आचार्य पुलकसागर महाराज ने चातुर्मास को सर्वश्रेष्ठ बताया। 150 शाखाओं के 1500 से अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 170 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम गठित हुई।
तस्वीर में भीलवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा में रविवार को रीको क्षेत्र स्थित ओरियम रिसोर्ट में राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में पुलक मंच परिवार का 29वां राष्ट्रीय महाधिवेशन आयोजित हुआ। देशभर की 150 शाखाओं से 1500 से अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित महाधिवेशन में 170 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। आचार्य पुलकसागर महाराज ने अपने संबोधन में भीलवाड़ा चातुर्मास को अपने 32 वर्ष के मुनि दीक्षा काल का अब तक का सर्वश्रेष्ठ चातुर्मास बताया।
महाधिवेशन का शुभारंभ शोभायात्रा और ध्वजारोहण के साथ हुआ। प्रथम सत्र में आचार्य पुलकसागर महाराज का उद्बोधन हुआ, जबकि द्वितीय सत्र में पुलक मंच परिवार की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। आचार्यश्री ने कहा कि उनके 32 वर्ष की मुनि दीक्षा में अब तक जितने चातुर्मास हुए हैं, उनमें भीलवाड़ा का चातुर्मास सर्वश्रेष्ठ और नंबर वन है। यह सुनते ही पूरा पांडाल तालियों की करतल ध्वनि से गूंज उठा।
आचार्यश्री ने श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति भीलवाड़ा के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी और उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि समर्पित भाव से दिन-रात दी गई सेवाओं ने इस चातुर्मास को नंबर वन बनाया है और यह चातुर्मास उनकी स्मृति में सदैव रहेगा। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में आयोजित यह पहला राष्ट्रीय महाधिवेशन है, जिसने सभी अधिवेशनों में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है।
आचार्य पुलकसागर महाराज ने भीलवाड़ा में नवगठित पुलक मंच परिवार की शाखा का परिचय कराते हुए मंगलभावनाएं दीं। उन्होंने आशीर्वाद दिया कि आने वाले दिनों में भीलवाड़ा की टीम पूरे भारत की नंबर वन शाखा बने। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा से पुलक मंच परिवार की कई नई चीजें शुरू हो रही हैं। हमें अपनी खूबियों को तराशना और कमियों को दूर करना है।
सदा मुस्कराते रहने की सीख देते हुए आचार्यश्री ने कहा कि यह सोचकर मुस्करा लेना चाहिए कि इससे भी बुरा होता तो क्या होता। उन्होंने कहा कि यदि कोई पूछे कि जिंदगी जीने का क्या सलीका है तो कहना चाहिए कि हमने हर हाल में पुलकसागर से मुस्कराना सीखा है। उन्होंने कहा कि ग्रहण पूर्णिमा के चांद को ही लगता है। यह सत्य जब से समझ लिया, तब से हर हाल में मुस्कराना सीख लिया।
अधिवेशन में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा पहुंचे पुलक मंच परिवार की देशभर की 150 शाखाओं के 1500 से अधिक प्रतिनिधियों का आचार्य पुलकसागर महाराज ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत दिल्ली में चार लोगों से हुई थी। लोग जुड़ते गए और कारवां बढ़ता गया। उन चार लोगों ने भागीरथी के रूप में एक छोटी सी लकीर दिल्ली से निकाली और आज यह लकीर गंगासागर में परिवर्तित होने जा रही है।
द्वितीय सत्र में आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में राष्ट्रीय पुलक मंच परिवार की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इसके बाद नवगठित 170 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा कर सदस्यों को शपथ दिलाई गई। नई टीम में विनोद फंदोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। भीलवाड़ा से पहली बार प्रवीण चौधरी को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया। भीलवाड़ा की अंतिमा जैन को महिला राष्ट्रीय प्रवक्ता और तन्वी जैन को जोन-4 की महिला महामंत्री नियुक्त किया गया। इस दौरान पुलक मंच परिवार की 70 शाखाओं को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर अवार्ड प्रदान किए गए।
अधिवेशन विधिवत प्रारंभ होने से पहले सुबह पुलक मंच परिवार के देशभर से आए सदस्यों ने आचार्य पुलकसागर महाराज के जयकारे लगाते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत माहौल में पुलक मंच परिवार का ध्वज फहराया गया और जयकारे गूंज उठे। पुलक मंच परिवार भीलवाड़ा महिला शाखा की सदस्यों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
पूज्य पुष्पदंतसागर महाराज के चित्र का अनावरण प्रदीप जैन और प्रतिभा जैन ने किया। दीप प्रज्वलन पुलक मंच परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फंडोत सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी, भीलवाड़ा पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा, महामंत्री जयकुमार पाटनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मुंबई के निर्मल गोधा और विमल बीना संघी ने प्राप्त किया। शास्त्र भेंट का सौभाग्य बांसवाड़ा के हेमंत सेठ और औरंगाबाद के प्रकाश पाटनी ने प्राप्त किया। गुरु पूजन पूना के जीतूजी प्रिया अग्रवाल ने किया। आचार्यश्री की आरती का सौभाग्य जयपुर की नीतू कुशल ठोलिया ने प्राप्त किया।
आचार्यश्री ने भीलवाड़ा पुलक मंच के अध्यक्ष अतुल पाटनी, महामंत्री अक्षय टोंग्या, कार्याध्यक्ष विभोर गोधा, उपाध्यक्ष आदिश चौधरी, संयोजक प्रतीक शाह, मंत्री प्रदीप लुहाड़िया, कोषाध्यक्ष पीयूष वेद, भीलवाड़ा महिला शाखा की अध्यक्ष रीना सोनी, महामंत्री ज्योति लुहाड़िया, संयोजक दीपिका लुहाड़िया, कार्याध्यक्ष तन्वी गंगवाल, मंत्री शिवानी काला और कोषाध्यक्ष रश्मि काला सहित पदाधिकारियों को मंच पर बुलाकर संस्था के सदस्यों से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि इन पदाधिकारियों के प्रयासों से ही भीलवाड़ा में यह भव्य विशाल आयोजन संभव हो पाया है।
महाधिवेशन के समापन पर श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष एवं पुलक मंच परिवार भीलवाड़ा के संरक्षक प्रवीण चौधरी ने सभी का आभार जताया। महाधिवेशन में राजस्थान के साथ देश के विभिन्न प्रांतों से आए पुलक मंच परिवार के सदस्य शामिल हुए।