भीलवाड़ा नगर निकाय चुनाव: 10 में से 7 पालिकाओं में बीजेपी जीती, 3 पर कांग्रेस
जिले की 10 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के नतीजों में भाजपा का वर्चस्व रहा, जबकि निर्दलीय पार्षदों ने कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाई।
तस्वीर में भीलवाड़ा में बैरिकेड्स के पास पुलिसकर्मी और सफेद कपड़ों में व्यक्ति बहस करते दिख रहे हैं।
भीलवाड़ा। जिले के नगर निकाय अध्यक्ष चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 10 में से 7 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद हासिल किया, जबकि कांग्रेस के खाते में 3 पालिकाएं गईं। अधिकतर निकायों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक रही।
नगर निगम में महापौर पद पर जसवंत कंवर पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। अब उप महापौर और नगर पालिकाओं के उपाध्यक्षों के चुनाव आयोजित किए जाएंगे।
जिले की 10 नगर पालिकाओं में हमीरगढ़ से कांग्रेस के प्रकाश जाट, बीगोद से बीजेपी के लोकेश नागोरी, बनेड़ा से बीजेपी के गोपाल चरण सिसौदिया, बिजौलियां से बीजेपी की स्नेहा तिवाड़ी, शाहपुरा से कांग्रेस के रमेश सेन, गुलाबपुरा से बीजेपी की विष्णु कुमारी वैष्णव, जहाजपुर से बीजेपी के अल्पेश वैष्णव, गंगापुर से कांग्रेस की प्रीति कांकाणी, आसींद से बीजेपी के सत्येंद्र सिंह और मांडलगढ़ से बीजेपी की श्वेता डांगी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
गुलाबपुरा में बीजेपी की विष्णु कुमारी वैष्णव ने महज 1 वोट से जीत दर्ज की। बीजेपी प्रत्याशी को 18 और कांग्रेस प्रत्याशी को 17 वोट मिले। चुनाव से ठीक पहले पूर्व पालिकाध्यक्ष धनराज गुर्जर की पत्नी संतोष देवी गुर्जर ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी, जिससे कांग्रेस की जीत के कयास लगाए जा रहे थे।
नवगठित हमीरगढ़ पालिका में कांग्रेस के प्रकाश जाट ने बीजेपी की निवर्तमान पालिकाध्यक्ष रेखा परिहार को 4 वोटों से हराया। प्रकाश जाट को 12 और रेखा परिहार को 8 वोट मिले।
बीगोद में बीजेपी के लोकेश नागोरी 16 वोट पाकर विजयी हुए। उन्हें 4 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। इसके साथ ही लोकेश नागोरी बीगोद के पहले चेयरमैन बने।
बनेड़ा में बीजेपी के गोपाल चरण सिसौदिया और कांग्रेस के बालूलाल माली को बराबर 10-10 वोट मिले। इसके बाद पर्ची/टॉस से फैसला हुआ, जिसमें बीजेपी प्रत्याशी विजयी रहे।
शाहपुरा में बीजेपी के बागी निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल के मैदान में रहने से मुकाबला रोचक रहा। कांग्रेस के रमेश सेन ने 18 वोट हासिल कर बीजेपी के तोषनीवाल को 1 वोट से हरा दिया। तोषनीवाल को 17 वोट मिले।
सियासी गणित में मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की तीनों पालिकाओं—मांडलगढ़, बीगोद और बिजौलियां—में बीजेपी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। इसे विधायक गोपाल लाल खंडेलवाल के दबदबे के रूप में देखा गया।
वहीं, पूर्व मंत्री रामलाल जाट की रणनीति मांडलगढ़ में काम नहीं आई। हालांकि हमीरगढ़, शाहपुरा और गंगापुर में कांग्रेस का बोर्ड बनवाने में उन्हें सफलता मिली। शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा भी अपने क्षेत्र की शाहपुरा पालिका में पार्टी को जीत नहीं दिला सके।
इस तरह भीलवाड़ा जिले की 10 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष चुनाव में बीजेपी ने 7 और कांग्रेस ने 3 निकायों में अध्यक्ष पद हासिल किया। अब उप महापौर और नगर पालिकाओं के उपाध्यक्षों के चुनाव आयोजित किए जाएंगे।