तस्वीर में भीलवाड़ा के संकटमोचन हनुमान मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव पर सजाई गई भगवान श्रीकृष्ण और अन्य पौराणिक पात्रों की आकर्षक विद्युतचलित झांकियां दिखाई दे रही हैं।

भीलवाड़ा, 4 सितम्बर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर शुक्रवार रात मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में आकर्षक विद्युतचलित झांकियों के दर्शन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर निगम चौराहे से लेकर गोलप्याउ चौराहे तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। रात 8 बजे बाद कतारें आधे किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गईं और समय के साथ इनकी लंबाई बढ़ती गई। चारों ओर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।

भक्तों को झांकियों के दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और कोई दर्शन से वंचित न रहे, इसके लिए महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज घूम-घूमकर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। शाम को सूर्यास्त के बाद आरती होते ही झांकियों के दर्शन शुरू हो गए थे। दर्शन शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं।

मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इस अवसर पर हनुमानजी महाराज को डायमंड का चोला चढ़ाया गया। हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज भी झांकियों के दर्शन के लिए संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां महामंडलेश्वर बाबू गिरी महाराज ने उनका स्वागत किया।

मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी सांवरमल बंसल, महावीर अग्रवाल एवं रमेशचन्द्र बंसल ने बताया कि मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही जयकारों के बीच महन्त बाबूगिरीजी महाराज ने महाआरती की। इसके बाद भगवान लड्डु गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर पंजीरी व माखन-मिश्री का भोग लगाया गया।

इस बार झांकियों में विशेष आकर्षण ‘महाभारत’ के विभिन्न प्रसंगों की झलक दिखाने वाली झांकी रही। इसके साथ ही ‘कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठाना, भगवान कृष्ण द्वारा माखन चोरी, राधा कृष्ण सखियों के संग रासलीला, कृष्ण के द्वार पर सुदामा का आगमन, राधा कृष्ण द्वारा बैलगाड़ी की सवारी, नौका विहार, हनुमानजी द्वारा लंका दहन, समुद्र मंथन, भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप वध, बेल का वध, भगवान शिव, भक्तिमति मीरा, योगमाया’ जैसी करीब दो दर्जन विद्युतचलित झांकियों ने भक्तों का ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर परिसर में बाल कृष्ण के नौकायन से जुड़ी झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। अधिकांश झांकियां हवा में उड़ती हुई दिखाई दे रही थीं, जिन्हें देखकर भक्त आकर्षित हुए। इन झांकियों को दिल्ली, आगरा, मथुरा आदि स्थानों से आए करीब 20 कारीगरों की टीम ने तैयार किया था।

झांकियों के साथ सेल्फी लेने के लिए भी भक्तों में होड़ रही। झांकियां देखने पहुंचे श्रद्धालु परिजनों और मित्रों के साथ उनके समक्ष सेल्फी लेते नजर आए। जन्माष्टमी के अवसर पर संकटमोचन हनुमान मंदिर में सजी इन विद्युतचलित झांकियों और उमड़ी भीड़ ने आयोजन को भक्तिमय माहौल से भर दिया।

Tags: