ऐतिहासिक ऊषा मंदिर मार्ग पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग तेज, नागरिकों ने नगर पालिका ईओ को सौंपा ज्ञापन
बयाना के ऐतिहासिक ऊषा मंदिर मार्ग पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर नागरिकों ने नगर पालिका ईओ को ज्ञापन सौंपा। जांच और कार्रवाई की मांग से मामला चर्चा में है।
तस्वीर में दिख रही बयाना नगर पालिका की परिसर में स्थानीय निवासियों का एक समूह अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को ज्ञापन पत्र सौंपता हुआ नजर आ रहा है।
बयाना कस्बे के भीतरबाड़ी क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक ऊषा मंदिर मार्ग पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सोमवार को स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने बिना अनुमति निर्माण कर आम रास्तों पर कब्जा कर लिया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों ने ज्ञापन में बताया कि गांधी चौक से ऐतिहासिक ऊषा मंदिर तक जाने वाला मार्ग मंदिर का प्रमुख पहुंच मार्ग है। मंदिर में वर्षभर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं तथा भाद्रपद माह में होने वाले 72 घंटे के अखंड कीर्तन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने खरीदी गई भूमि से अधिक क्षेत्र में निर्माण कर आम रास्ते पर कब्जा कर लिया है और स्टील का गेट लगाकर मार्ग को संकरा कर दिया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जाट चौपाल से पठानपाड़ा जाने वाले मार्ग पर भी बिना निर्माण स्वीकृति के मकान बनाकर कथित अतिक्रमण किया गया है। इसके कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही नालियों की नियमित सफाई भी नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के अधिकांश परिवार कृषि एवं पशुपालन से जुड़े होने के कारण उन्हें दैनिक आवागमन और अन्य आवश्यक कार्यों में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बिना स्वीकृति किए गए कथित अतिक्रमणों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उन्हें शीघ्र हटाया जाए, ताकि आमजन एवं श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान दिनेश चौधरी, एडवोकेट राजेश चौधरी, एडवोकेट धीरज चौधरी, रामप्रकाश शर्मा, मुकेश, भूपेंद्र, दीपांशु, पवन सिंह, राजेंद्र, हरिओम सहित अनेक स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अब मामले में नगर पालिका प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।