साल 2025 भारतीय महिलाओं के नाम रहा, जब साहित्य, सिनेमा, खेल और समाजसेवा में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की ताकत दिखाई

कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक़ ने इंटरनेशनल बुकर प्राइज जीतकर भारतीय भाषाओं और महिला लेखन को दुनिया के केंद्र में ला दिया
पायल कपाड़िया की फिल्म ने कान्स में इतिहास रचा, आठ मिनट के स्टैंडिंग ओवेशन के साथ भारत की दमदार वापसी दर्ज हुई
वर्षा देशपांडे का तीन दशक लंबा संघर्ष महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक न्याय को वैश्विक पहचान दिलाने में सफल रहा
डॉ. सोनाली घोष और जयश्री वेंकटेशन ने संरक्षण और विकास को जोड़कर पर्यावरण रक्षा का नया भारतीय मॉडल दुनिया को दिखाया
17 साल की जानवी जिंदल ने पांच गिनीज रिकॉर्ड बनाकर साबित किया कि आत्मविश्वास और अनुशासन उम्र से बड़े होते हैं