हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। यह भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक चलने वाला लगभग 15–16 दिनों का वह समय है, जब अपने पूर्वजों को याद कर उनके लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है।