उत्तर भारत में फिर लौटेगी सिहरन? जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब-हरियाणा तक बारिश और बर्फबारी की चेतावनी
उत्तर भारत में 11 मार्च 2026 को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब, हरियाणा, यूपी में बारिश का अलर्ट। जानें विस्तार से।

Will the chill return to North India
नई दिल्ली:
मार्च के महीने में जहां गर्मी धीरे-धीरे अपने पैर पसार रही थी, वहीं प्रकृति ने एक बार फिर करवट बदली है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के वायुमंडल में प्रवेश कर चुका है। इसका सीधा असर आज यानी 11 मार्च 2026 को हिमालयी क्षेत्रों से लेकर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों तक देखने को मिलेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण कई राज्यों में बारिश, गर्जना और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे गहरा प्रभाव ऊंचे पहाड़ी इलाकों पर पड़ने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही निचले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं।
विशेष रूप से कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों, और हिमाचल के लाहौल-स्पीति व किन्नौर जिलों में बर्फ की सफेद चादर दोबारा देखने को मिल सकती है। इस बर्फबारी और बारिश के कारण इन क्षेत्रों के तापमान में अचानक गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को एक बार फिर ठंड का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने यात्रियों को फिसलन और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों का हाल: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली
मैदानी राज्यों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी और चलने वाली ठंडी हवाओं से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा जो मार्च की शुरुआती गर्मी से परेशान होने लगे थे।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। राजधानी लखनऊ सहित मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा के आसमान में आज बादलों का डेरा रहेगा। विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में धूल भरी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन वहां भी बादलों की आवाजाही के कारण धूप की तपिश कम महसूस होगी।
तापमान और वायु गुणवत्ता पर प्रभाव
इस मौसमी हलचल का सबसे सकारात्मक पहलू वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। हल्की बारिश और हवाओं की गति बढ़ने से वातावरण में मौजूद धूल के कण बैठ जाएंगे, जिससे हवा साफ होगी। तापमान की बात करें तो न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C के बीच और अधिकतम तापमान 30°C से 32°C के आसपास रहने की उम्मीद है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं शाम के समय मौसम को सुहावना बना देंगी।
किसानों के लिए जरूरी जानकारी
मार्च का समय फसलों की कटाई और पकने का होता है। ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि, वर्तमान अनुमान के अनुसार बारिश काफी हल्की होगी, जिससे फसलों को बड़े नुकसान की संभावना कम है। फिर भी, कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में गरज-चमक की चेतावनी है, वहां किसान अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध करें।
आज का दिन उत्तर भारत के लिए मिश्रित मौसम वाला रहेगा। जहां पहाड़ बर्फ की चमक से गुलजार होंगे, वहीं मैदानों में बादलों की छांव गर्मी से अस्थायी राहत दिलाएगी। यह पश्चिमी विक्षोभ अल्पकालिक है, और उम्मीद है कि 13 मार्च से मौसम दोबारा साफ होना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
