उत्तर भारत मौसमवेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बदलता तापमान

उत्तर भारत के विशाल मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में आज, यानी 26 फरवरी 2026 को मौसम एक नए मोड़ पर खड़ा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सैटेलाइट चित्रों के अनुसार, एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर तक देखा जा रहा है।

मैदानी राज्यों का हाल: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आज सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है। वायुमंडल में बढ़ती नमी और गिरते तापमान की वजह से दृश्यता (Visibility) में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

  • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में कोहरे का स्तर 'घना' (Dense Fog) बना हुआ है। अमृतसर, लुधियाना और अंबाला जैसे शहरों में सुबह विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। दिन चढ़ने के साथ आसमान में बादल छाने और शाम तक हल्की से मध्यम बारिश होने की 60% संभावना है।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों (मेरठ, बागपत, नोएडा) में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। यहाँ बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आने के संकेत हैं। पूर्वांचल के हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्की धुंध बनी रहेगी।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड

हिमालयी बेल्ट में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रियता के कारण पहाड़ों पर नमी वाली हवाएं टकरा रही हैं।

  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों जैसे लाहौल-स्पीति, चंबा, केदारनाथ और बद्रीनाथ में हल्की से मध्यम बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई है। निचले इलाकों जैसे शिमला और देहरादून में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों की ओर चलने वाली हवाएं ठंडी हो गई हैं।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: यहाँ न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे (-5°C से -10°C) बना हुआ है। जोजिला पास और कश्मीर घाटी के ऊपरी हिस्सों में ताजा बर्फबारी ने ठंड की तीव्रता बढ़ा दी है।

तापमान का गणित और मौसमी बदलाव का कारण

आज उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 22°C से 27°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 9°C से 13°C के बीच बना रहेगा।

इस बदलाव का मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है। यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाली नमी वाली हवाओं का एक समूह है, जो ईरान और अफगानिस्तान को पार कर भारत पहुंचता है। जब यह ठंडी हवा भारत के गर्म मैदानी इलाकों से मिलती है, तो बादलों का निर्माण होता है और बारिश की स्थिति बनती है।

वायु गुणवत्ता और नमी का स्तर

कोहरे और बारिश की संभावना के बीच हवा की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। हवा की यह गति प्रदूषकों (Pollutants) को तितर-बितर करने में मदद करेगी, जिससे पंजाब और दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता (AQI) में आंशिक सुधार होने के संकेत हैं। वातावरण में आर्द्रता (Humidity) का स्तर आज 70% से 90% के उच्च स्तर पर रह सकता है।

राजस्थान और दिल्ली की स्थिति

राजस्थान के उत्तरी जिलों (जैसे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़) में धूल भरी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, राजधानी दिल्ली में बादलों का पहरा रहेगा, जिससे दिन के समय धूप की तीव्रता कम महसूस होगी। मैदानी इलाकों में बारिश के बाद रात के तापमान में अचानक गिरावट आने की संभावना प्रबल है।

आज उत्तर भारत का मौसम पूरी तरह से 'परिवर्तन मोड' में है। एक तरफ जहां पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ रही है, वहीं मैदानों में बारिश और कोहरे का मेल ठंड को दोबारा सक्रिय कर रहा है। आने वाले 48 घंटों तक मौसम की यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

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