उत्तर भारत में सक्रिय हुआ 'पश्चिमी विक्षोभ', 3-4 अप्रैल को इन इलाकों में होगी ओलावृष्टि
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। IMD ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 3-4 अप्रैल को भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। जानें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम।

Western Disturbance' activates in North India
नई दिल्ली: उत्तर भारत के राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश के बीच अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले 3 से 4 दिनों तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है।
3 और 4 अप्रैल को 'पीक' पर होगा मौसम
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर 3 अप्रैल और 4 अप्रैल 2026 को देखने को मिलेगा।
- पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी और निचले इलाकों में मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तराखंड के चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
- मैदानी राज्य: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट
अप्रैल की शुरुआत में जहां पारा 36°C से 38°C के पास पहुंच रहा था, वहीं इस बारिश के दौर के बाद तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते अधिकतम तापमान गिरकर 30°C के नीचे आ सकता है, जिससे लोगों को फिलहाल चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 6 अप्रैल के बाद मौसम एक बार फिर साफ होगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
यह मौसम फसलों की कटाई और मड़ाई का समय है, ऐसे में अचानक बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- फसल सुरक्षा: कटी हुई फसल को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों या गोदामों में शिफ्ट करें।
- सिंचाई और छिड़काव: बारिश और तेज हवाओं के दौरान खेतों में सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव न करें।
- मंडी अपडेट: मंडियों में अनाज लेकर जा रहे किसान तिरपाल और तिरपाल की उचित व्यवस्था रखें।
आम जनता के लिए दिशा-निर्देश
तेज हवाओं और गरज के साथ बिजली गिरने की स्थिति में घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। IMD ने सलाह दी है कि आंधी के दौरान पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के पास शरण न लें। यात्रा की योजना बना रहे लोग पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उत्तर भारत में मौसम का यह बदलाव अस्थायी है, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मिलने वाली यह राहत गर्मियों की शुरुआत से पहले का एक छोटा सा 'कूलिंग ब्रेक' साबित होगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
