नई दिल्ली: भारत के दक्षिणी और पश्चिमी तटीय राज्यों में इन दिनों सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं। लोग भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से परेशान हैं। इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर साझा की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 23 मार्च को दक्षिण भारत के कई राज्यों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे बढ़ते तापमान पर लगाम लग सकती है।

किन राज्यों में दिखेगा असर?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने और समुद्र से आने वाली नमी की वजह से महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और गोवा में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। इन राज्यों के तटीय और आंतरिक इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश (Isolated Rainfall) देखने को मिल सकती है।

महाराष्ट्र: विदर्भ और कोंकण में हलचल

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से तापमान काफी बढ़ गया है। हालांकि, 23 मार्च को कोंकण क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में बारिश की संभावना कम है, लेकिन बादल छाए रहने से धूप की तपिश कम महसूस होगी। विदर्भ के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी भी चल सकती है।

केरल और कर्नाटक: प्री-मानसून बारिश की आहट

दक्षिण के प्रमुख राज्य केरल और कर्नाटक में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होती दिख रही हैं। कर्नाटक के तटीय जिलों और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में 23 मार्च को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, केरल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यहाँ के लोगों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं होगी, क्योंकि पिछले एक हफ्ते से यहाँ उमस का स्तर काफी बढ़ गया था।

गोवा का हाल

पर्यटकों के पसंदीदा राज्य गोवा में भी मौसम करवट ले सकता है। गोवा के कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें पड़ने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। समुद्र के किनारे घूमने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति देखकर ही बाहर निकलें।

गर्मी और उमस से मिलेगी राहत

दक्षिण भारत में मार्च के महीने में गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। वर्तमान में यहाँ का अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। 23 मार्च को होने वाली संभावित बारिश और बादलों की आवाजाही से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से उमस (Humidity) थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना रहेगा।

आम जनता और किसानों के लिए निर्देश

मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आएगी; जहाँ एक ओर बागवानी फसलों (जैसे आम और काजू) के लिए यह फायदेमंद हो सकती है, वहीं खुली रखी गई अन्य फसलों को नुकसान का डर है।


दक्षिण भारत में गर्मी के बीच बारिश की यह दस्तक एक अस्थायी राहत की तरह है। 23 मार्च को होने वाली यह मौसमी गतिविधि क्षेत्र में गर्मी की लहर (Heatwave) को रोकने में मददगार साबित होगी। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि नमी का यह प्रभाव कब तक बना रहता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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