भीषण लू और जानलेवा गर्मी के बीच 15 राज्यों में आंधी-बारिश का महा-अलर्ट, तपती धरती को मिलेगी ठंडी राहत!
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और राजस्थान सहित 15 राज्यों में 20 घंटे के भीतर आंधी-तूफान और 70 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी।

तेज आंधी-तूफान और चक्रवाती हवाओं के चलने के कारण तटीय क्षेत्र में तेज लहरों के बीच झुकता हुआ नारियल का पेड़।
नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और जानलेवा लू के प्रकोप के बीच मौसम के मिजाज में एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक अति-महत्वपूर्ण बुलेटिन जारी करते हुए देश के १५ राज्यों में अगले २० घंटों के भीतर भीषण आंधी-तूफान, गरज-चमक और भारी बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। लगातार आसमान से बरसती आग और भट्टी की तरह तप रहे मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान एक बेहद ठंडी और बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि, विभाग ने आम जनता को सतर्क करते हुए यह चेतावनी भी दी है कि इस मौसमी बदलाव के दौरान कई क्षेत्रों में ७० किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक तेज रफ्तार से विनाशकारी हवाएं और अंधड़ चलने की प्रबल संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अत्यधिक प्रभावित राज्यों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। पिछले कई दिनों से ४५ डिग्री से ऊपर के पारे से झुलस रहे इन राज्यों में हल्की से लेकर मूसलाधार बारिश होने की उम्मीद जताई गई है, जिससे वातावरण में घुली भीषण गर्मी से आम लोगों को तत्काल प्रभाव से निजात मिलेगी। इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति को लेकर भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है। हालांकि मानसून ने केरल के तट पर अपने आगमन की अपेक्षित तारीख २६ मई को अधिकारिक दस्तक नहीं दी, लेकिन यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ अन्य हिस्सों, लक्षद्वीप क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के इलाकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज होगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में अगले तीन दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह से यू-टर्न लेने वाला है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आगामी तीन दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान ८ डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान ६ डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है। आसमान में आंशिक रूप से घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है और धूल भरी आंधी के साथ हल्की वर्षा व आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की गति ५० से ६० किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जो चरम मौसमी बदलाव के समय ७० किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को भी छू सकती है। २९ और ३० मई को भी दिल्ली-एनसीआर में घने बादल छाए रहेंगे तथा ६० से ७० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और कानपुर सहित इसके आसपास के दर्जनों जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि २९ मई को यूपी के कई जिलों में भारी आंधी के साथ ओलावृष्टि (हैलस्टॉर्म) हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। उधर बिहार में पटना मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व हिस्सों के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की मानसूनी बारिश दर्ज की जाएगी। इस बदलाव से बिहार के विभिन्न जिलों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
दूसरी ओर, पश्चिमी भारत का राज्य राजस्थान वर्तमान समय में सबसे भीषण और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की चपेट में बना हुआ है। राज्य के श्रीगंगानगर में पारा अपने सर्वकालिक उच्च स्तर ४८.२ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, पिलानी और फलोदी जैसे शहरों में तापमान लगातार ४६ डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस तपती मरुभूमि को राहत देने के लिए जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर शुरू होने वाला है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विदर्भ के हिस्सों में २९ और ३० मई से तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना के साथ मौसम का मिजाज बदलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि और भारी बारिश का आरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल के शिमला, कुल्लू, मनाली और कांगड़ा में ४० से ५० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। वहीं उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों- उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ६० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले अंधड़ के साथ भारी ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत के तेलंगाना और हैदराबाद के कई रिहायशी इलाकों जैसे मियापुर, गाचीबोवली और सिकंदराबाद में भी मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, रामबन और पुंछ के पहाड़ी इलाकों में भी बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पूरा देश इस समय एक बड़े और व्यापक मौसमी बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
