नई दिल्ली:

उत्तर भारत में एक बार फिर कुदरत का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम विभाग ने राहत और चेतावनी दोनों के संकेत दिए हैं। 13 मार्च 2026 के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा असर पहाड़ों से लेकर मैदानों तक देखने को मिलेगा।

पहाड़ों पर बरसेगी 'सफेद आफत' और राहत

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की प्रबल संभावना है।

  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: गुलमर्ग, सोनमर्ग और द्रास जैसे इलाकों में ताजा बर्फबारी पर्यटन के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने फिसलन और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
  • हिमाचल और उत्तराखंड: शिमला, मनाली और बद्रीनाथ-केदारनाथ की पहाड़ियों पर बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है।

पहाड़ों पर होने वाली इस हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, जिससे बढ़ती गर्मी पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग सकता है।

मैदानी राज्यों में बादलों का डेरा

पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में ठंडी हवाओं के रूप में दिखेगा।

  • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों के सीमावर्ती जिलों में 13 मार्च की दोपहर के बाद तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों, जैसे मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर में आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यहां हल्की बारिश से मौसम खुशनुमा हो सकता है।
  • दिल्ली-एनसीआर: राजधानी में तेज धूप के बीच अचानक बादल छा सकते हैं। तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।


किसानों के लिए जरूरी सलाह

मार्च का महीना फसलों की कटाई और पकने का समय होता है। मौसम में यह अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

  • ओलावृष्टि का डर: पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में छिटपुट ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है, जो गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • सतर्कता: विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसान भाइयों को मौसम के साफ होने तक सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को टाल देना चाहिए।

तापमान का उतार-चढ़ाव

13 मार्च को जहां पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान -2°C से 5°C के बीच रहेगा, वहीं मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 28°C से 32°C के आसपास रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं के चलने से शाम के समय हल्की सिहरन महसूस हो सकती है।

वायु गुणवत्ता (AQI) की स्थिति

तेज हवाओं और संभावित बारिश के कारण उत्तर भारत के प्रमुख शहरों, विशेषकर दिल्ली और कानपुर में प्रदूषण के स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। धूल के कणों के छंटने से हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी रह सकती है।


13 मार्च 2026 को उत्तर भारत का मौसम मिला-जुला रहने वाला है। जहां सैलानियों के लिए पहाड़ों पर बर्फबारी का आनंद लेने का मौका होगा, वहीं मैदानी इलाकों के लोगों को धूल और गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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