नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026

उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। हवा के रुख में बदलाव के साथ सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पूरे क्षेत्र में ठंड, बारिश और बर्फबारी का सिलसिला तेज कर दिया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का यह बदला हुआ मिज़ाज जनजीवन और यातायात पर सीधा असर डालता दिखाई दे रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि हिमालयी क्षेत्रों में ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ अगले कुछ समय तक सक्रिय रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका है। वहीं, मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज-चमक के चलते ठंड का असर और तेज हो गया है। सुबह और देर रात के समय घना कोहरा भी परेशानी का कारण बन रहा है।

दिल्ली सहित उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में ठंड बढ़ने के साथ-साथ दृश्यता में कमी दर्ज की जा रही है। इसका प्रभाव सड़क यातायात के साथ-साथ रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है। कई क्षेत्रों में ट्रेनों की रफ्तार कम की गई है, जबकि उड़ानों में भी देरी की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है, विशेषकर पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों और सुबह-शाम बाहर निकलने वाले नागरिकों के लिए। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम की यह सक्रियता उत्तर भारत में ठंड को और गहराने का संकेत दे रही है।

उत्तर भारत में मौसम का यह बदलता स्वरूप न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह संकेत भी दे रहा है कि सर्दी का यह चरण अभी और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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