देश के कई हिस्सों में इन दिनों मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 22 राज्यों में तूफानी आंधी और भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई क्षेत्रों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी पूरी संभावना है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज ने आम जनता से लेकर प्रशासन तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ के मध्य भागों और उससे सटे ओडिशा के उत्तरी अंदरूनी क्षेत्रों में बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के कारण मौसम ने यह खतरनाक रुख अख्तियार किया है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून अगले 3 से 4 दिनों के दौरान सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। IMD की चेतावनी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अलग-अलग समय पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी मानसून के सक्रिय रहने से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

पहाड़ी राज्यों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। IMD ने राज्य में 30 जुलाई से 4 अगस्त के बीच व्यापक वर्षा का अनुमान जताया है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा समेत अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में भी अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं के साथ बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story