बादलों की गर्जना और मूसलाधार बारिश से सहमा उत्तर भारत, पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मंडराया बड़ा खतरा|
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

जलभराव के बीच खड़े ट्रैफिक पुलिसकर्मी और वाहन, उत्तर भारत में भारी बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था।
उत्तर भारत में मानसून ने एक बार फिर अपना विकराल और सक्रिय रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, पांच अगस्त को उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून का जोर पूरी तरह बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस दौरान कई राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान का दौर देखने को मिल सकता है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के जिन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना जताई गई है, उनमें पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाके तक शामिल हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पांच अगस्त को मूसलाधार बारिश होने के पूरे आसार हैं। इन इलाकों में लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के कारण जनजीवन पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है, और मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही इस लगातार भारी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने की आशंका काफी बढ़ गई है, जिससे यातायात और संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, मैदानी और निचले इलाकों में भारी जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है, जिससे आम नागरिकों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने संभावित खतरों को देखते हुए निचले और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मानसून के इस तीव्र प्रकोप के चलते उत्तर भारत के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन लगातार होती बारिश और आंधी-तूफान के कारण पैदा हुई भूस्खलन तथा जलभराव की स्थिति ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
