यूपी में चक्रवाती तूफान अर्णब का अलर्ट, 31 अक्टूबर तक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के असर से प्रदेश में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और कानपुर-लखनऊ समेत कई जिलों में तेज बारिश का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश का सड़क मार्ग जहां चक्रवाती तूफान के असर से मौसम में बदलाव है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होने के बाद प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि 29 से 31 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में मौसम शुष्क बना रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से मौसम सामान्य बना हुआ है। हालांकि, चक्रवाती तूफान अर्णब के आंशिक प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह हल्की धुंध छाई रही, जबकि दिन में आसमान साफ रहा। यहां अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। सुबह हल्की धुंध छाई रह सकती है और दिन में आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
सोमवार को प्रयागराज उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। दूसरी ओर, बरेली में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम है।
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने बताया कि चक्रवाती तूफान अर्णब का उत्तर प्रदेश के मौसम पर आंशिक असर पड़ेगा। इसके कारण 28 से 31 अक्टूबर तक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
कानपुर और आसपास के जिलों में 29 अक्टूबर को जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है। चक्रवाती तूफान अर्णब का असर करवा चौथ के पर्व पर भी पड़ सकता है। कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि 29 अक्टूबर को बारिश होने की आशंका है। यदि आसमान में बादल छाए रहे, तो महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन कर पूजा करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कानपुर और आसपास के जिलों में 20 से 50 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना भी जताई है।
पिछले कुछ दिनों से कानपुर में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तापमान में इस अंतर के कारण सुबह और रात के समय गुलाबी सर्दी महसूस हो रही है, जबकि दिन में तेज धूप के चलते गर्मी का एहसास होता है। हालांकि, 27 अक्टूबर की रात से ही मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई थी। 28 अक्टूबर को घने बादल छाने से दिन में भी ठंडक महसूस हो सकती है। वहीं, 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के कारण आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
चक्रवाती तूफान अर्णब के संभावित प्रभाव को देखते हुए डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेतों में तैयार खड़ी पकी फसलों की कटाई तुरंत कर लेनी चाहिए, ताकि तूफान के असर से खेती को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बारिश होती है, तो किसानों को फिलहाल खेतों में सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में फिलहाल दिन के समय तेज धूप और सुबह-रात की हल्की ठंडक के बीच मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन 28 से 31 अक्टूबर के बीच संभावित बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं जनजीवन के साथ खेती-किसानी को भी प्रभावित कर सकती हैं।

Pratahkal Newsroom
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