कहीं बारिश की ठंडक, तो कहीं भीषण गर्मी का सितम

बेंगलुरु/चेन्नई: उत्तर भारत की तरह ही दक्षिण भारत में भी मौसम इन दिनों करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत (Peninsular India) के राज्यों में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है, वहीं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है।

केरल और कर्नाटक: बारिश लाएगी राहत

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि समुद्र तल से ऊपर बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में नमी बढ़ी है।

  • केरल और माहे: अगले 3 से 4 दिनों तक केरल के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली कड़कने (Thunderstorm) की संभावना है।
  • कर्नाटक: राज्य के तटीय और दक्षिण आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka) में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा।
  • तमिलनाडु: तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है, जिससे बढ़ते तापमान से थोड़ी राहत मिल सकती है।


आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: 40 डिग्री का 'टॉर्चर'

एक तरफ जहां बारिश की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

  • आंध्र प्रदेश: नेल्लोर जिले के कावली में तापमान 40°C के पार पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। आईएमडी ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के लिए 'लू' (Heatwave) और 'हॉट एंड ह्यूमिड' (गर्मी और उमस) का अलर्ट जारी किया है।
  • तेलंगाना: हैदराबाद सहित कई जिलों में पारा 38°C से 39°C के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोत्तरी हो सकती है।


बेंगलुरु में UV रेडिएशन का खतरा

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भले ही तापमान 33-34°C के आसपास हो, लेकिन विशेषज्ञों ने बढ़ते अल्ट्रावॉयलेट (UV) रेडिएशन को लेकर चिंता जताई है। धूप की तीव्रता इतनी अधिक है कि सीधे संपर्क में आने से त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलते समय सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करें।

मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण

आईएमडी के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बन रही हवाओं की विसंगति के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में यह बदलाव दिख रहा है। जहां तटवर्ती इलाकों में समुद्र से आने वाली हवाएं नमी ला रही हैं, वहीं आंतरिक क्षेत्रों में खुश्क हवाओं की वजह से गर्मी बढ़ रही है।

सावधानियां और सुझाव

बदलते मौसम और बढ़ती तपिश को देखते हुए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • पानी का भरपूर सेवन: गर्मी वाले इलाकों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
  • खेती पर ध्यान: कर्नाटक और केरल के किसान जो रबी की फसल काट रहे हैं या बागवानी कर रहे हैं, वे बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए अपनी उपज को सुरक्षित रखें।
  • त्वचा की सुरक्षा: तेज धूप वाले क्षेत्रों में सनस्क्रीन और सूती कपड़ों का उपयोग करें।

दक्षिण भारत इस समय गर्मी और छिटपुट बारिश के बीच झूल रहा है। जहां केरल में बारिश से शामें सुहानी हो सकती हैं, वहीं आंध्र और तेलंगाना के लोगों को फिलहाल सूर्य देव के कोप से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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