उत्तर भारत मौसम : पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मिजाज, कहीं राहत तो कहीं तपिश

नई दिल्ली:

उत्तर भारत में आज मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ मैदानी इलाकों के तापमान और हवा की गति पर पड़ेगा।

पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में आज यानि 24 मार्च को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। इस बदलाव के कारण इन राज्यों के तापमान में 2°C से 4°C की गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और रात की ठंडक एक बार फिर बढ़ जाएगी।

मैदानी इलाकों (पंजाब और हरियाणा) में मौसम का हाल

पंजाब और हरियाणा के उत्तरी जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है। हालांकि, दक्षिणी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे शहरों में बादलों की लुका-छिपी जारी रहेगी, जिससे चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान और उत्तर प्रदेश: बढ़ते तापमान की चुनौती

जहां एक ओर पहाड़ों से सटे राज्यों में ठंडक रहेगी, वहीं राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर तेज होगा।

  • राजस्थान: जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों में तापमान 38°C के करीब पहुंच सकता है। यहाँ लू (Heatwave) जैसी स्थिति तो नहीं होगी, लेकिन धूप काफी तीखी रहेगी।
  • उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा और धूप के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का विज्ञान

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के महीने में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ अक्सर कम दबाव का क्षेत्र बनाते हैं। चूंकि यह विक्षोभ बहुत शक्तिशाली नहीं है, इसलिए इसका असर केवल पहाड़ी बेल्ट और उससे सटे मैदानी इलाकों तक सीमित रहेगा। शेष उत्तर भारत में शुष्क हवाएं चलेंगी, जो नमी को कम करेंगी और गर्मी को बढ़ाएंगी।

किसानों और आम जनता के लिए जरूरी निर्देश

मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

  • फसलों की सुरक्षा: पंजाब और हरियाणा के जिन किसानों ने फसल की कटाई शुरू कर दी है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अनाज को ढक कर रखें या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं।
  • स्वास्थ्य का ध्यान: बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ जाता है। सुबह-शाम की ठंडक और दोपहर की गर्मी के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए ठंडे पानी के सेवन से बचें।
  • यात्रा की योजना: पहाड़ी क्षेत्रों (मनाली, शिमला, श्रीनगर) की यात्रा करने वाले पर्यटक भूस्खलन या खराब दृश्यता के प्रति सचेत रहें और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

24 मार्च के बाद अगले 48 घंटों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रह सकता है। इसके बाद, 26 मार्च से पूरे उत्तर भारत में आसमान साफ होने और तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। मार्च के अंत तक दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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