दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर कोहरे की मोटी चादर, दृश्यता शून्य के करीब; यातायात पर गहरा असर
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे की मोटी चादर से यातायात प्रभावित, दृश्यता 30 मीटर से भी कम। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की, उड़ानों और ट्रेनों पर भी पड़ा असर। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोहरे के बने रहने की चेतावनी दी।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज सुबह का आगाज़ एक बार फिर घने कोहरे की मोटी चादर के साथ हुआ। खास तौर पर दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर दृश्यता इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को अपनी गति बेहद धीमी रखनी पड़ी। कई स्थानों पर विजिबिलिटी 20 से 30 मीटर तक सिमट गई, जिससे यातायात लगभग रेंगता हुआ नजर आया। कोहरे की इस चादर ने न केवल सड़कों को ढक दिया, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी की रफ्तार भी थाम दी।
सुबह के शुरुआती घंटों में एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि सामने की गाड़ियाँ मुश्किल से दिखाई दे रही थीं। स्ट्रीट लाइट्स और हाईवे की मार्किंग भी धुंध में धुंधली पड़ गईं। इस वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। कुछ वाहन चालकों ने अपने वाहन किनारे खड़े कर लिए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी की अधिकता के कारण कोहरे की यह स्थिति बनी हुई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और देर रात घना कोहरा बना रह सकता है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड का असर और तीखा हो गया है।
प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यातायात पुलिस और जिला प्रशासन ने वाहन चालकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लो-बीम हेडलाइट्स का प्रयोग करें।
- तेज़ रफ्तार से बचें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- कोहरे में ओवरटेक करने से बचें।
- इमरजेंसी लाइट्स का प्रयोग केवल आवश्यक स्थिति में करें।
- सुबह के समय अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दृश्यता अत्यधिक कम हो जाती है, तो कुछ हिस्सों में यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
हवाई और रेल सेवाओं पर भी असर
घने कोहरे का असर केवल सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानों में देरी दर्ज की गई। वहीं, उत्तर रेलवे की कई ट्रेनों का समय भी प्रभावित हुआ। यात्रियों को स्टेशन और एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति सीमित रखी गई, जिससे कई रूटों पर लेट-लतीफी हुई।
स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि घना कोहरा और ठंड मिलकर सांस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह की सैर और खुले में व्यायाम करने वालों को फिलहाल घर के अंदर ही रहने को कहा गया है।
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर छाया यह घना कोहरा केवल मौसम की घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है—रफ्तार के इस दौर में भी सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। प्रशासन, यात्री और आम नागरिक यदि सतर्कता बरतें, तो इस प्राकृतिक चुनौती से होने वाले जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मौसम की यह करवट राजधानी के लिए एक बार फिर संयम और सतर्कता की परीक्षा बनकर सामने आ सकती है।

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