बेंगलुरु/चेन्नई: फरवरी के इस तीसरे हफ्ते में जहां उत्तर भारत आंधी और बारिश की आहट से सहमा हुआ है, वहीं दक्षिण भारत में कुदरत का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। यहाँ मौसम न तो पूरी तरह शुष्क है और न ही पूरी तरह मेहरबान। दक्षिण के राज्यों—केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश—में रहने वाले लोगों के लिए आज का दिन 'बदलाव' का संकेत लेकर आया है।

बादलों का घेरा और बूंदाबांदी की उम्मीद

आज दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आसमान पर बादलों का कब्जा रहने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-मध्य हिस्सों में बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) की वजह से नमी बढ़ रही है।

• केरल और तमिलनाडु: इन दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में आज बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शाम के समय कुछ जिलों में हल्की परिवर्तनीय वर्षा (Variable Rain) की संभावना है। यह बारिश भारी तो नहीं होगी, लेकिन उमस से थोड़ी राहत जरूर दे सकती है।

• अंडमान और निकोबार: यहाँ अगले 24 घंटों में मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।


गर्मी और उमस का डबल अटैक

भले ही बादल छाए रहें, लेकिन पारा गिरने का नाम नहीं ले रहा है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अंदरूनी इलाकों में आज भी 33°C से 36°C तक तापमान रहने की उम्मीद है।

विशेष नोट: तटीय कर्नाटक (जैसे मंगलुरु और उडुपी) में आज मौसम 'गर्म और आर्द्र' (Hot and Humid) रहेगा। यहाँ पसीने वाली गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

प्रमुख शहरों का हाल: एक नज़र में

शहर अधिकतम तापमान स्थिति

बेंगलुरु 32°C सुबह धुंध, दोपहर में साफ आसमान

चेन्नई 31°C आंशिक रूप से बादल, हल्की उमस

हैदराबाद 34°C शुष्क मौसम, रात में हल्की ठंडक

कोच्चि 33°C उमस भरी गर्मी, शाम को बादल

अमरावती 34°C सुबह कोहरा, दिन में तेज धूप


खेती और आम जनजीवन पर असर

दक्षिण भारत में यह समय कई फसलों की कटाई और नई बुवाई की तैयारी का होता है। हल्की बारिश और बादलों की वजह से तापमान में जो उतार-चढ़ाव हो रहा है, वह बागवानी फसलों (Horticulture) के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, केरल के रबर उत्पादकों और तमिलनाडु के किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी रखें, क्योंकि 21-22 फरवरी के आसपास भारी बारिश के संकेत भी मिल रहे हैं।

क्या सावधानी बरतें?

बदलते मौसम में खुद को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है:

  • पानी का सेवन बढ़ाएं: उमस की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • छाता साथ रखें: भले ही बारिश पक्की न हो, लेकिन दक्षिण की 'अनप्रिडिक्टेबल' बारिश कभी भी आपको भिगो सकती है।
  • त्वचा का ख्याल: तेज धूप और आर्द्रता की वजह से त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।

दक्षिण भारत का मौसम फिलहाल एक 'मिक्स बैग' की तरह है। यहाँ गर्मी का असर तो बढ़ रहा है, लेकिन बादलों की मौजूदगी इसे पूरी तरह असहनीय नहीं होने दे रही है। यदि आप आज चेन्नई या बेंगलुरु की सड़कों पर निकलने वाले हैं, तो सुबह की हल्की ठंड और दोपहर की गर्मी दोनों का स्वागत करने के लिए तैयार रहें।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story