धूप खिली पर हवा हुई जहरीली:दिल्ली की हवा में फिर घुला 'जहर' AQI 300 के पार, प्रदूषण की 'गंभीर' मार जारी।
दिल्ली AQI अपडेट 20 फरवरी 2026: दिल्ली की हवा 'गंभीर' और 'खराब' श्रेणी के बीच झूल रही है। जानें आज का औसत प्रदूषण स्तर, प्रमुख प्रदूषक और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां।

Delhi's air again AQI crossed 300
नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026
राजधानी दिल्ली में मौसम के बदलते मिजाज के बीच वायु गुणवत्ता (Air Quality) एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। आज, 20 फरवरी 2026 को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 306 दर्ज किया गया है, जो 'गंभीर' (Severe) श्रेणी की शुरुआत मानी जाती है। हालांकि, अलग-अलग स्टेशनों पर यह आंकड़ा 214 (Poor) से लेकर 324 (Very Poor) के बीच बना हुआ है।
आज के वायु गुणवत्ता के प्रमुख आंकड़े
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वास्तविक समय के डेटा के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्थिति इस प्रकार है:
- औसत AQI: 277 से 306 के बीच (दिन के समय इसमें उतार-चढ़ाव जारी है)।
- मुख्य प्रदूषक: हवा में आज सबसे ज्यादा मात्रा PM2.5 और PM10 की पाई गई है।
- PM2.5 का स्तर: लगभग 136 µg/m³, जो सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है।
- PM10 का स्तर: लगभग 169 µg/m³ दर्ज किया गया है।
- हॉटस्पॉट्स: आनंद विहार (321 AQI), वज़ीरपुर (316 AQI) और मुंडका (297 AQI) जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक है।
कमजोर हवाओं और मौसम का प्रभाव
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली की हवा खराब होने का मुख्य कारण हवाओं की धीमी गति और 'वेंटिलेशन इंडेक्स' का कम होना है।
- हवा की गति: आज हवा की गति 7 से 10 किमी प्रति घंटा के बीच है। इतनी धीमी हवा प्रदूषकों को शहर से बाहर धकेलने में असमर्थ रहती है।
- तापमान का असर: न्यूनतम तापमान 13°C से 15°C के आसपास रहने के कारण सुबह के समय 'इन्वर्जन' (Inversion) की स्थिति बनती है, जिससे प्रदूषक जमीन के करीब ही दबकर रह जाते हैं।
- GRAP की स्थिति: हाल ही में 18 फरवरी को हुई बारिश के बाद GRAP-2 की पाबंदियां हटा ली गई थीं, लेकिन प्रदूषण के फिर से 'वेरी पुअर' श्रेणी में पहुँचने पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और डॉक्टरी सलाह
AQI का 300 के करीब होना सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। डॉक्टरों ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- आउटडोर गतिविधियां: सुबह के समय जब प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है, तब जॉगिंग या भारी व्यायाम करने से बचें।
- मास्क का प्रयोग: घर से बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क का उपयोग करें, जो सूक्ष्म कणों (PM2.5) को रोकने में सक्षम हैं।
- संवेदनशील समूह: बच्चे, बुजुर्ग और दमा (Asthma) या हृदय रोग से पीड़ित मरीज विशेष ध्यान रखें और संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दो दिनों (21 और 22 फरवरी) में भी वायु गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी के बीच बनी रह सकती है। हवा की गति में कोई बड़ा बदलाव न होने के कारण प्रदूषकों का जमाव बना रहेगा। हालांकि, दिन के समय तेज धूप निकलने से सतह के पास का प्रदूषण थोड़ा कम महसूस हो सकता है।
दिल्ली में आज की सुबह धुंध भरी और प्रदूषण वाली रही है। हालांकि मौसम सुहावना है, लेकिन हवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की गई है।

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