फरवरी में ही दिखने लगे मार्च के तेवर: उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में सामान्य से ऊपर जाएगा तापमान।
उत्तर भारत मौसम अपडेट 27 फरवरी 2026: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ की कमी के कारण तापमान में बढ़ोतरी और तेज धूप रहने की संभावना है।

Temperatures will rise above normal in the plains of North India
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में सर्दी का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है और धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अनुमानों के अनुसार, आज उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा और दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी।
मैदानी राज्यों का हाल: दिल्ली, यूपी और राजस्थान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के प्रमुख मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की कोई संभावना नहीं है।
- दिल्ली-NCR: राजधानी और आसपास के इलाकों में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। तेज धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दोपहर में गर्मी का अहसास होगा।
- उत्तर प्रदेश: राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में शुष्क हवाएं चलने की संभावना है। लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
- राजस्थान: राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में सूरज के तेवर तीखे रहने की उम्मीद है। यहाँ तापमान अन्य राज्यों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है।
तापमान बढ़ने के प्रमुख कारण
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार तापमान में समय से पहले बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की कमी: उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाले मजबूत पश्चिमी विक्षोभ इस समय सक्रिय नहीं हैं। इसकी कमी के कारण पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं का असर कम हो गया है।
- लगातार तेज धूप: आसमान साफ रहने और बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुंच रही हैं, जिससे धरती जल्दी गर्म हो रही है।
पहाड़ी राज्यों की स्थिति
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भी अब मौसम साफ होने लगा है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी न्यूनतम तापमान कम बना हुआ है, लेकिन मैदानी इलाकों की ओर बहने वाली ठंडी हवाओं की गति धीमी पड़ गई है, जिससे पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में भी गर्मी बढ़ रही है।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव का सीधा असर कृषि और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
- कृषि: गेहूं की फसल के लिए बढ़ता तापमान चिंता का विषय हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई का उचित प्रबंधन करें।
- स्वास्थ्य: दिन और रात के तापमान में भारी अंतर (Diurnal variation) के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सुबह-शाम के समय अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
फरवरी के अंतिम दिनों में तापमान का यह रुझान संकेत दे रहा है कि इस साल मार्च में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आज उत्तर भारत में मौसम शुष्क रहेगा और दिन के समय लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय करने होंगे।

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