उत्तर-पश्चिम भारत में चढ़ने लगा पारा- मैदानी इलाकों में समय से पहले लू की आहट, तो हिमालयी क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान
उत्तर भारत में गर्मी का समय से पहले प्रहार! मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में पारा सामान्य से 6 डिग्री तक ऊपर जा सकता है। जानें आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम और कहाँ होगी बर्फबारी।

The mercury is rising in northwest India
उत्तर भारत में मौसम का बदला मिजाज, गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 6 मार्च 2026:
उत्तर भारत के राज्यों में इस साल बसंत का अहसास गायब होता दिख रहा है। मार्च की शुरुआत के साथ ही सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के एक बड़े हिस्से में अधिकतम तापमान सामान्य से 4°C से 6°C अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं।
मैदानी इलाकों में गर्मी का 'टॉर्चर'
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बना रहेगा। कई शहरों में दोपहर का तापमान 34°C से 36°C के बीच पहुँचने का अनुमान है। आमतौर पर मार्च के पहले हफ्ते में ऐसी गर्मी नहीं देखी जाती, लेकिन इस बार शुष्क हवाओं और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण स्थितियाँ बदल गई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि तापमान इसी गति से बढ़ता रहा, तो कई क्षेत्रों में समय से पहले 'हीटवेव' (लू) जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसका सीधा असर रबी की फसलों, खासकर गेहूं की पैदावार पर पड़ सकता है, क्योंकि दानों को पकने के लिए ठंडे मौसम की जरूरत होती है।
हिमालयी क्षेत्रों में हल्की राहत: बारिश और बर्फबारी
एक तरफ जहाँ मैदानी इलाके तप रहे हैं, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) के लिए मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इन पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश और ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। हालांकि, यह बदलाव इतना मजबूत नहीं है कि मैदानी इलाकों की गर्मी को कम कर सके।
तापमान बढ़ने के मुख्य कारण
1. शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं: पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं।
2. साफ आसमान: बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पहुँच रही हैं।
3. कमजोर पश्चिमी विक्षोभ: इस साल अब तक कोई ऐसा मजबूत सिस्टम नहीं बना है जो व्यापक रूप से बारिश करा सके और पारे को नीचे लाए।
आगामी 7 दिनों का मौसम चार्ट (अनुमानित):
राज्य/क्षेत्र | अधिकतम तापमान | स्थिति |
दिल्ली-NCR | 35°C - 37°C | तेज धूप और गर्मी |
राजस्थान | 37°C - 39°C | लू जैसी स्थिति |
पंजाब-हरियाणा | 33°C - 35°C | शुष्क मौसम |
हिमाचल-उत्तराखंड | 18°C - 24°C | हल्की बारिश/बर्फबारी |
स्वास्थ्य और कृषि पर प्रभाव
अचानक बढ़ी गर्मी से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। अस्पतालों में थकान, सिरदर्द और निर्जलीकरण (Dehydration) के मरीज बढ़ रहे हैं। किसानों के लिए भी यह चिंता का विषय है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों में हल्की सिंचाई जारी रखें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और फसल को झुलसने से बचाया जा सके।
बचाव के जरूरी टिप्स
• घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें और सूती कपड़ों का उपयोग करें।
• शरीर में पानी की कमी न होने दें; ओआरएस (ORS), नींबू पानी या फलों के रस का सेवन करें।
• दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच भारी शारीरिक काम करने से बचें।
उत्तर भारत में मौसम का यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के संकेतों की ओर इशारा कर रहा है। जहाँ पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी की उम्मीद है, वहीं मैदानों में आग बरस रही है। आने वाले सात दिन दिल्ली से लेकर राजस्थान तक के लोगों के लिए अग्निपरीक्षा जैसे होंगे। मौसम विभाग की सलाह है कि लोग पल-पल बदलते मौसम के अपडेट पर नजर रखें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
