बेंगलुरु/चेन्नई: उत्तर भारत में जहाँ अभी भी गुलाबी ठंड और सुहावने मौसम का दौर जारी है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों ने गर्मी की तपिश महसूस करना शुरू कर दिया है। आज, 19 फरवरी 2026, को दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के निवासियों के लिए आज का दिन काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

राज्यों का हाल: कहाँ कितनी गर्मी?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण भारत के आंतरिक इलाकों में सूरज के तेवर सख्त होने लगे हैं। आइए जानते हैं राज्यवार स्थिति:

1. तमिलनाडु और पुडुचेरी

तमिलनाडु के आंतरिक जिलों जैसे मदुरै और तिरुचिरापल्ली में तापमान 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है। चेन्नई और आसपास के तटीय इलाकों में हालांकि तापमान 31°C के आसपास रहेगा, लेकिन समुद्र से आने वाली नमी के कारण उमस (Humidity) काफी अधिक महसूस होगी। दोपहर के समय बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

2. केरल: हल्की बारिश की उम्मीद

केरल के कुछ दक्षिणी हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तिरुवनंतपुरम और कोल्लम के कुछ इलाकों में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, यह बारिश गर्मी से पूरी राहत नहीं दिला पाएगी, बल्कि इससे उमस और बढ़ सकती है। यहाँ अधिकतम तापमान 33°C के आसपास बना रहेगा।

3. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु, जो अपने ठंडे मौसम के लिए जानी जाती है, वहाँ भी आज पारा 30°C को पार कर सकता है। वहीं, उत्तर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में शुष्क हवाओं के कारण लू जैसी स्थिति (हीटवेव नहीं, पर तेज गर्मी) बन रही है। तटीय आंध्र प्रदेश में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है।

तटीय क्षेत्रों में 'डिस्कम्फर्ट इंडेक्स' का असर

दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आज सबसे बड़ी समस्या 'डिस्कम्फर्ट इंडेक्स' यानी बेचैनी का स्तर है। जब तापमान के साथ हवा में नमी (Relative Humidity) 60-70% से ऊपर चली जाती है, तो शरीर को वास्तविक तापमान से 3-4 डिग्री ज्यादा गर्मी महसूस होती है। आज केरल और तमिलनाडु के तटों पर यही स्थिति बनी रहने वाली है।

फरवरी में इतनी गर्मी क्यों?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल दक्षिण भारत में गर्मी का जल्दी आना कई भौगोलिक कारणों से जुड़ा है:

  • कम दबाव का क्षेत्र: बंगाल की खाड़ी में कोई बड़ा मौसमी सिस्टम नहीं होने के कारण ठंडी हवाएं नहीं चल पा रही हैं।
  • समुद्री हवाओं का पैटर्न: इस समय चलने वाली हवाएं नमी तो ला रही हैं, लेकिन वे उतनी ठंडी नहीं हैं कि तापमान को नीचे गिरा सकें।
  • जलवायु परिवर्तन: पिछले कुछ वर्षों में फरवरी के अंत में दक्षिण भारत का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य और जीवनशैली पर प्रभाव

बढ़ते तापमान और उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी न होने दें। नारियल पानी और ताजे फलों का जूस दक्षिण भारत के मौसम के अनुकूल सबसे अच्छा विकल्प है।
  • पहनावा: उमस से बचने के लिए सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • दोपहर का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में जाने से बचें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक और बच्चे।

आने वाले दिनों का अनुमान

19 फरवरी के बाद अगले 4-5 दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। फरवरी के अंत तक कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में पारा 38°C तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, फरवरी के अंतिम सप्ताह में एक नया मौसमी विक्षोभ दक्षिण प्रायद्वीप में हल्की वर्षा ला सकता है, जिससे अस्थायी राहत मिल सकती है।

आज दक्षिण भारत पूरी तरह से गर्मियों के स्वागत की तैयारी में है। हल्की बारिश की छिटपुट संभावनाओं के बीच तेज धूप और उमस ही आज के मौसम की मुख्य पहचान रहने वाली है।

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