नई दिल्ली/बेंगलुरु: उत्तर भारत में जहाँ पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडक बढ़ी है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में अब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण कुछ हिस्सों में हल्की बारिश (Pre-monsoon showers) होने की भी संभावना है।

तापमान में उछाल और उमस का डबल अटैक

दक्षिण भारत के अंदरूनी हिस्सों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। तेलंगाना के हैदराबाद और कर्नाटक के कलबुर्गी जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 36°C से 40°C के बीच पहुँच गया है। चेन्नई और कोच्चि जैसे तटीय शहरों में तापमान भले ही 33-35°C के आसपास हो, लेकिन हवा में 70-80% आर्द्रता (Humidity) होने के कारण लोगों को भारी उमस और बेचैनी महसूस हो रही है।

केरल और कर्नाटक में बारिश का अनुमान

राहत की खबर यह है कि केरल और कर्नाटक के कुछ जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बेंगलुरु में शाम के समय बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे दोपहर की गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय जिलों जैसे रामनाथपुरम और थूथुकुडी में भी छिटपुट वर्षा के आसार हैं।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का हाल

हैदराबाद मौसम केंद्र के अनुसार, तेलंगाना के कई जिलों में 'लू' (Heatwave) जैसी स्थिति बन रही है। हालांकि, 17 और 18 मार्च को छिटपुट इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, जहाँ तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है।

IMD की स्वास्थ्य और सुरक्षा सलाह

बढ़ती गर्मी और उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने लोगों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • तरल पदार्थ का सेवन: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस (ORS), और नारियल पानी पिएं।
  • दोपहर की धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें।
  • सूती कपड़े पहनें: पसीने और उमस से बचने के लिए हल्के रंग के सूती कपड़ों का प्रयोग करें।
  • बिजली से सावधानी: बारिश और गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद रखें।

कृषि पर प्रभाव

प्री-मानसून बारिश दक्षिण भारत में बागवानी फसलों, जैसे आम और कॉफी के लिए फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि, अचानक आने वाली तेज आंधी से कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान का डर भी बना रहता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव केवल अल्पकालिक है और मार्च के अंत तक दक्षिण भारत में गर्मी और अधिक प्रचंड हो सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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