तिरुवनंतपुरम/बेंगलुरु: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों के लिए नवीनतम मौसम बुलेटिन जारी किया है, जिसमें 15 मई 2026 को क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। एक ओर जहां केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, वहीं आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के प्रमुख शहरों में भी मौसम के बदलते रुख के कारण जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। विभाग ने यह पूर्वानुमान 14 मई की रात 8:00 बजे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर साझा किया है।

केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में आसमान में बादल छाए रहेंगे और भारी वर्षा के साथ-साथ गरज-चमक की प्रबल संभावना है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं (gusty winds) चलने का अनुमान है, जो बुनियादी ढांचे और यातायात के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं। अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26°C रहने की उम्मीद है, जबकि आर्द्रता का स्तर 85 प्रतिशत तक जा सकता है, जिससे बारिश के बावजूद उमस का अहसास बना रहेगा।

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। यहां पारा 40°C तक पहुंचने की संभावना है, जिससे दोपहर के समय भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, शाम तक बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के साथ बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। विभाग ने यहां विशेष रूप से बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके विपरीत, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मौसम थोड़ा राहत भरा रहेगा, जहां न्यूनतम तापमान 23°C तक गिर सकता है। सिलिकॉन वैली में गरज के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद और तमिलनाडु के चेन्नई में भी मौसम विभाग ने मध्यम बदलाव के संकेत दिए हैं। हैदराबाद में तापमान 28°C से 39°C के बीच रहने की संभावना है और वहां बिजली कड़कने के साथ बादलों के विकास की चेतावनी दी गई है। वहीं, चेन्नई में मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी उमस से निवासियों को आंशिक राहत मिल सकती है। यहां आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण भारत में सक्रिय इन मौसमी गतिविधियों का मुख्य कारण वायुमंडलीय दबाव में बदलाव और नमी का संचार है। हालांकि अधिकांश शहरों के लिए कोई गंभीर 'रेड अलर्ट' जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों को भारी बारिश और बिजली गिरने की स्थिति में सतर्क रहने को कहा गया है। यह मौसम विशेष रूप से किसानों और दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपनी योजनाओं में अचानक होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना चाहिए।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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