कुदरत का कहर: प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, इन 3 राज्यों में अगले 24 घंटे भारी|
IMD ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने और 14 मई को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।

दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून की सक्रियता के कारण हो रही भारी बारिश के बीच अपनी यात्रा जारी रखते एक स्कूटी सवार|
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। भारत के दक्षिणी राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए गंभीर चेतावनी जारी करते हुए प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने की पुष्टि की है। बदलते वायुमंडलीय दबाव और समुद्र से उठने वाली नमी के कारण इन क्षेत्रों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है।
मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई से दक्षिण भारत के इन प्रमुख राज्यों में प्री-मानसून का प्रभाव अपने चरम पर होगा। विशेष रूप से केरल के तटीय जिलों और आंतरिक कर्नाटक में बादलों की गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधियां मानसून के आने से पहले का संकेत हैं, जो इस साल समय के आसपास या उससे कुछ पहले दस्तक दे सकता है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित आश्रयों में शरण लेने की सलाह दी है।
तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस तेज हवा और बारिश के संयोजन से शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। केरल में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है, क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम के और अधिक बिगड़ने की संभावना बनी हुई है।
आधिकारिक तौर पर, राज्य सरकारों ने जिला कलेक्टरों और राहत दलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग को जर्जर खंभों और तारों की मरम्मत के आदेश दिए गए हैं ताकि तेज हवाओं के दौरान जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके। मौसम विभाग की यह चेतावनी केवल बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है जहाँ प्री-मानसून की तीव्रता साल-दर-साल बढ़ती जा रही है। दक्षिण भारत के नागरिकों के लिए आने वाले कुछ दिन सतर्कता और सावधानी से भरे रहने वाले हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
