Delhi की हवा में घुला 'धीमा जहर': 290 के पार पहुँचा AQI, धुंध की चादर में लिपटी राजधानी
Delhi में प्रदूषण का संकट गहराया! 5 फरवरी 2026 को AQI 290 के स्तर पर पहुँचा, जिससे पूरी राजधानी धुंध की चादर में लिपटी रही। आनंद विहार और वजीरपुर में हवा हुई 'बेहद खराब'। मौसम विभाग की चेतावनी और प्रदूषण से बचाव के जरूरी टिप्स सहित पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Health impacts of PM2.5 in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण के 'ग्रे घेरे' में कैद हो गई है। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 290 दर्ज किया गया, जो 'खराब' (Poor) श्रेणी के उच्चतम स्तर पर है। सुबह से ही शहर के आसमान पर छाई धुंध और गिरते तापमान ने न केवल विजिबिलिटी को 4.5 किमी तक सीमित कर दिया है, बल्कि करोड़ों दिल्लीवासियों के लिए ताजी हवा को एक विलासिता बना दिया है।
प्रदूषण का तांडव: हॉटस्पॉट्स में सांस लेना हुआ दूभर
राजधानी के कई इलाकों में स्थिति 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुँच गई है। आनंद विहार और वजीरपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में AQI 320 के पार चला गया है।
- हवा की चाल और नमी का खेल : 64% की उच्च आर्द्रता और 10 किमी/घंटा की धीमी हवा ने प्रदूषकों को जमीन के करीब 'ट्रैप' कर लिया है, जिससे 'स्मॉग' की चादर और गहरी हो गई है।
- प्रमुख प्रदूषक : हवा में PM2.5 और PM10 की मात्रा सामान्य से 15 गुना अधिक पाई गई है। यह सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों में प्रवेश कर रक्त संचार को प्रभावित कर रहे हैं।
- विजिबिलिटी और यातायात : धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कम होने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और हवाई यातायात पर भी आंशिक असर देखा गया।
स्वास्थ्य चेतावनी : फेफड़ों और दिल पर गहरा असर
चिकित्सा विशेषज्ञों ने दिल्लीवासियों के लिए 'हेल्थ एडवाइजरी' जारी की है। मैक्स अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट्स के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण न केवल अस्थमा के मरीजों के लिए घातक है, बल्कि स्वस्थ व्यक्तियों में भी हृदय रोगों का खतरा 2% तक बढ़ा देता है।
पैरामीटर | वर्तमान स्थिति (5 फरवरी 2026) |
तापमान | 20°C (महसूस होने वाला 18°C) |
वायु गुणवत्ता (AQI) | 290 (Poor/Unhealthy) |
मुख्य प्रदूषक | PM2.5, PM10, NO2 |
नमी (Humidity) | 64% |
कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर हलचल :
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों और कूड़ा जलाने पर पाबंदी को और सख्त कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली समिति ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाया जाए और स्मॉग टावरों की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जाए।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
