शिमला में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का ऐसा प्रकोप दिखाया कि पूरा शहर कुछ ही घंटों में सर्द हवाओं और जलभराव की चपेट में आ गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्पन्न इस अचानक बदले मौसम ने न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई, बल्कि दृश्यता भी काफी कम हो गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

जानकारी के अनुसार, शिमला और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ तेज ओले गिरे, जिससे कई इलाकों में जमीन पर बर्फ जैसी परत जम गई। इस दौरान तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तूफानी गतिविधियों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय यातायात पर भी इसका सीधा असर देखने को मिला, जिससे पहाड़ी मार्गों पर अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हुआ।



भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिमला और आसपास के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ समय तक क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तूफान, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 4 से 5 जून के दौरान 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 6 जून को 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का प्रभाव रहने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में भी 4 से 6 जून के बीच इसी तरह की तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।

इस प्राकृतिक आपदा जैसे मौसम का असर जनजीवन पर स्पष्ट रूप से देखा गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति के चलते फसलों, बागवानी और बागानों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही पेड़ों की टहनियों और बिजली लाइनों के गिरने, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क मार्ग बाधित होने और आकाशीय बिजली से खतरे की संभावना भी बनी हुई है। पर्यटन गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।



प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले स्थानों पर जाने से बचें, पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की संरचनाओं से दूरी बनाए रखें तथा अनावश्यक यात्रा टालें। आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों को आवश्यक सामग्री और मोबाइल फोन चार्ज रखने की सलाह भी दी गई है।

इसी बीच, शिमला से सामने आए दृश्य में देखा गया कि ओलावृष्टि और भारी बारिश के बाद कुछ घोड़े रेनकोट से ढके हुए नजर आए, जो अचानक बदले मौसम की तीव्रता को दर्शाता है। यह दृश्य स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय एक ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्पन्न हुई है, जो नमी से भरी हवाओं को साथ लाकर अस्थिर मौसम परिस्थितियाँ बना रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और तूफान जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह तूफानी गतिविधियां अगले दिन तक जारी रह सकती हैं, जिसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता बनी रहेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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